महासमुंद, छत्तीसगढ़ के चार जिलों महासमुंद, दुर्ग, धमतरी और जांजगीर-चांपा में 24 चोरियां करने वाला शातिर चोर पकड़ा गया है। पुलिस ने इसके कब्जे से 163 ग्राम सोना, ढाई किलो चांदी, बाइक और मोबाइल समेत कुल 32.38 लाख रुपए का सामान बरामद किया है।
आरोपी उन निर्माणाधीन मकानों की रेकी करता था, जहां बाहर बिल्डिंग मटेरियल पड़ा रहता था। खुद को सप्लायर बताकर सस्ती कीमत में छड़-सीमेंट दिलाने का लालच देता और इसी बहाने घर में घुसकर जेवर पार कर देता था।
पकड़ा गया आरोपी पहले भी पुलिस हिरासत से इलाज के बहाने फरार हो चुका है। वह चोरी का माल पिथौरा, भंवरपुर और सरायपाली के स्थानीय ज्वेलर्स को बेचता था। पुलिस अब उन ज्वेलरी कारोबारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिन्होंने चोरी का माल खरीदा था।
अब जानिए क्या है पूरा मामला
दरअसल, बगारपाली निवासी ओमप्रकाश ठाकुर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि 27 अप्रैल 2026 की सुबह उनके घर से करीब 40 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवर चोरी हो गए है। पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्धों पर नजर रखी।
इसी दौरान वाहन चेकिंग के समय पुलिस को एक संदिग्ध युवक पर शक हुआ। पूछताछ में आरोपी ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने चोरी की वारदात कबूल कर ली। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंचराम उर्फ पंचु निषाद (38) निवासी ग्राम चंदली, थाना चंद्रपुर, जिला सक्ती के रूप में हुई है।
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि, आरोपी जिले के कई थाना क्षेत्रों में सक्रिय था। वह बेहद शातिर तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी पहले मकानों की रेकी करता था, फिर मौका पाकर घरों से कीमती जेवरात चुरा लेता था।
झांसा देकर गहनों पर करता था हाथ साफ
पुलिस जांच में पता चला है कि, आरोपी उन घरों को निशाना बनाता था, जहां मकान रेनोवेशन होता था। बाहर ईंट, गिट्टी और दूसरी निर्माण सामग्री पड़ी रहती थी। वह खासतौर पर ऐसे घर चुनता था, जहां केवल बच्चे या बुजुर्ग रहते थे।
आरोपी निर्माणाधीन मकानों के मालिकों से संपर्क करता और फिर मुलाकात करने के बहाने उनके वर्तमान पते की जानकारी निकालकर वहां चोरी की वारदात को अंजाम देता था।
आरोपी खुद को बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर बताकर सस्ती कीमत में छड़ और सीमेंट दिलाने का लालच देता था। बातचीत के बहाने वह घर के अंदर जाता और मौका मिलते ही सोने-चांदी के गहने चोरी कर फरार हो जाता था।
24 चोरी की घटनाओं में शामिल आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 5 महीने में महासमुंद में 15 चोरी की है। चोरियों के बाद वह पंजाब चला जाता था। दुर्ग जिले के उतई, रनचिरई, जामगांव, धमतरी के भखारा, अंडा, मगरलोड और जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़, बिर्रा थाना क्षेत्रों में भी चोरी की है।
चोरी के बाद वह जेवरात को कई ज्वेलर्स दुकानों में बेच देता था। पुलिस ने पिथौरा के जीएस ज्वेलर्स और भंवरपुर के कैलाश ज्वेलर्स से चोरी के गहने जब्त किए हैं। सरायपाली के तमन्ना ज्वेलर्स और संतोष ज्वेलर्स से आभूषणों की रिकवरी अभी बाकी है।
इलाज के बहाने पुलिस हिरासत से फरार हो चुका है आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले भी दुर्ग और जांजगीर-चांपा सहित कई जिलों में चोरी के मामले दर्ज हैं। आरोपी को आदतन अपराधी बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक वह पहले न्यायिक रिमांड के दौरान इलाज के बहाने पुलिस की हिरासत से फरार भी हो चुका है।
पुलिस ने क्या-क्या किया बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे सोने के ज्वेलरी 63.30 ग्राम (कीमत 25 लाख 52 हजार 200 रुपए), चांदी के ज्वेलरी 2 किलो 585.94 ग्राम (कीमत 6 लाख 41 हजार 700 रुपए), बाइक, मोबाइल फोन समेत 32 लाख 38 हजार 900 रुपए का सामान बरामद किया गया है।
ज्वेलरी कारोबारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
एसपी प्रभात कुमार का कहना है कि, चोरी के जेवर खरीदने वाले कुछ ज्वेलरी कारोबारियों की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है। मामले में आगे जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।