गाजियाबाद: अगर आप गाजियाबाद में अपना घर बनाने की योजना बना रहे हैं, तो अब आपको जेब थोड़ी और ढीली करनी होगी। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न शुल्कों और फीस में करीब 4 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी हैं।
प्राधिकरण द्वारा यह बढ़ोतरी कॉस्ट इंडेक्स के आधार पर की गई है, जिसमें नक्शा पास कराने की फीस, विकास शुल्क और निरीक्षण शुल्क जैसी कई मदों में इजाफा किया गया है।
विकास शुल्क में बढ़ोतरी, एरिया के हिसाब से नए रेट
गाजियाबाद में विकास शुल्क को बढ़ाकर 4,150 रुपये प्रति वर्ग मीटर से 4,319 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है। इसके अलावा अलग-अलग कॉलोनियों के लिए भी नई दरें तय की गई हैं। शालीमार गार्डन और उससे जुड़ी योजनाओं में विकास शुल्क 2266.90 रुपये प्रति वर्ग मीटर रखा गया है, जबकि रामप्रस्थ और रामपुरी में यह 1585.30 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है। लोनी क्षेत्र में यह दर 2314.65 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दी गई है
नक्शा पास कराने पर बढ़ेगा खर्च
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के नए नियमों के अनुसार अब नक्शा पास कराने के दौरान सोलर पैनल, पौधरोपण और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के लिए सिक्योरिटी मनी भी जमा करनी होगी। 200 से 500 वर्ग मीटर के प्लॉट पर सोलर पैनल के लिए 20 हजार रुपये और 500 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट पर यह राशि 2 लाख रुपये तक हो सकती है।एक अनुमान के अनुसार 300 वर्ग मीटर के प्लॉट का नक्शा पास कराने में करीब 2 लाख रुपये तक अतिरिक्त खर्च आ सकता है।
भवन परमिट और निरीक्षण शुल्क भी बढ़ा
भवन परमिट फीस में भी बदलाव किया गया है। अब कमर्शल कॉम्प्लेक्स, मॉल और सिनेमाघरों के लिए 31.10 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से शुल्क देना होगा। ग्रुप हाउसिंग के लिए यह दर 15.55 रुपये प्रति वर्ग मीटर और सामान्य आवासीय भूखंडों के लिए 5.20 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई हैइसके अलावा निरीक्षण शुल्क भी बढ़ाकर 20.75 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है, जो कुल फर्श क्षेत्रफल के आधार पर लिया जाएगा।
मेट्रो, एलिवेटेड रोड और गंगाजल सुविधा का अलग चार्ज
जिन क्षेत्रों में मेट्रो, एलिवेटेड रोड या गंगाजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, वहां रहने वालों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा। मेरठ रोड के पश्चिमी क्षेत्र (जोन-1) में मेट्रो स्टेशन शुल्क 435.60 रुपये और एलिवेटेड रोड सेस 564.40 रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित किया गया है
क्या पड़ेगा असर
नए शुल्क लागू होने के बाद गाजियाबाद में घर बनाना पहले की तुलना में महंगा हो जाएगा। खासकर मध्यम वर्ग और नए घर बनाने वालों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। हालांकि प्राधिकरण का मानना है कि इससे शहर में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं का विकास संभव होगा।