भोपाल, पिछले 21 सालों में भोपाल कर मास्टर प्लान तो नहीं आया, प्लानिंग एरिया में अवैध निर्माण जरूर बढ़ गए। ये जानकारी खुद मास्टर प्लान-2047 के उस ड्राफ्ट में है, जो करीब छह महीने से फाइलों में दबा हुआ है। उसमें बताया गया है कि प्लानिंग एरिया में लगभग 1.20 लाख अवैध निर्माण हैं। इनमें 85 हजार तो रातीबड़-नीलबड़ क्षेत्र में है जो बड़े तालाब के कैचमेंट या आसपास है।
मास्टर प्लान-2047 के लिए ये सैटेलाइट सर्वे 2025 में किया गया था। इसके बाद मौके पर भी जांच की गई थी। ये रिपोर्ट उस फाइल में है। अब परेशानी ये है कि मास्टर प्लान में कहीं सड़क, ग्रीन बेल्ट आदि प्रस्तावित हो और वहां पहले से निर्माण मिलें, तो भविष्य में शहर का नियोजित विकास कठिन हो जाएगा।
मास्टर प्लान लागू होने तक तो और बढ़ जाएंगे निर्माण
पिछले दिनों जिला प्रशासन ने केरवा के कैचमेंट एरिया में दो बड़े निर्माण हटाए। एनजीटी यहां अवैध निर्माण पर रोक के निर्देश दे चुका है। बड़े तालाब व कलियासोत के कैचमेंट और लो डेंसिटी, कृषि भूमि व ग्रीनलैंड में अवैध निर्माण को लेकर भी अभियान जारी है। फिर भी इनकी संख्या बढ़ रही है। आशंका है कि नया प्लान लागू होने तक प्लानिंग एरिया में अवैध निर्माण और बढ़ जाएंगे।
अर्बन प्लानर डॉ. शीतल शर्मा के मुताबिक मास्टर प्लान 2047 के ड्राफ्ट में जिन 58 नए गांव शामिल हो रहे हैं, वे प्लान जारी होने के पहले ही डेवलप हो चुके हैं। ये गांव 2021 के ड्राफ्ट में नहीं थे। यहां रेसीडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट शुरू हो गए हैं। इसकी पुष्टि मास्टर प्लान में नए जोड़े गए 58 गांवों के लैंडयूज एप्लीकेशन स्टेटस, रेरा दस्तावेज और सैटेलाइट इमेजरी से हुई है।
सैटेलाइट इमेजरी एनालिसिस के मुताबिक इन क्षेत्रों में 20% डेवलपमेंट वर्क हो चुका है। 44% में काम जारी हैं। यानी प्लान लागू होने तक ये क्षेत्र 70% तक डेवलप हो चुके होंगे। टीएंडसीपी ने ड्राफ्ट में शामिल 14 गांवों में ही 100 से ज्यादा प्रोजेक्ट की परमिशन (2015 से 2023 के बीच) जारी की हैं।
फार्म हाउस और प्लॉटिंग …
मास्टर प्लान ड्राफ्ट में शामिल नए गांव बरखेड़ा सालम और मुगालिया छाप में 500-1500 रु. वर्गफीट रेट पर प्लॉट, फार्म हाउस बेचे जा रहे हैं। भौंरी-बरखेड़ा सालम रोड पर बिल्डर्स के हाउसिंग प्रोजेक्ट में 60% प्लॉट बुक हो चुके हैं। जाटखेड़ी में रियल एस्टेट के 10 प्रोजेक्ट कंपलीट हो चुके हैं। होटल, कॉलेज और अस्पताल भी चल रहे हैं।