लाड़ली लक्ष्मी योजना में छात्राओं को मिलेंगे 25 हजार

भोपाल, एमपी के सरकारी और निजी कॉलेजों में स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने काउंसलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया है।

यूजी के लिए 1 मई और पीजी के लिए 2 मई से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। ये 30 जून तक चलेगा। रजिस्ट्रेशन के साथ दस्तावेज सत्यापन अनिवार्य रहेगा। इस बार विभाग ने दो मुख्य काउंसलिंग राउंड के साथ कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) का एक अतिरिक्त राउंड भी जोड़ा है।

कॉलेज में एडमिशन लेने वाली छात्राओं को लाड़ली लक्ष्मी योजना से 25000 रुपए की सहायता दी जाएगी।

ऑनलाइन प्रक्रिया से होगा एडमिशन

शेड्यूल के अनुसार, इस साल प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से ही पूरी की जाएगी। छात्रों को तय तारीख के भीतर रजिस्ट्रेशन करना होगा और अपने दस्तावेजों का सत्यापन भी कराना होगा।

बिना सत्यापन के छात्रों की काउंसलिंग प्रक्रिया अधूरी मानी जाएगी और वे सीट आवंटन से वंचित रह सकते हैं।

चॉइस फिलिंग से तय होगा कॉलेज

एडमिशन प्रक्रिया के दौरान छात्रों को अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स का चयन करना होगा। इसी चॉइस फिलिंग के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी और सीटों का आवंटन किया जाएगा।

सीट मिलने के बाद छात्रों को तय समय सीमा में फीस जमा करनी होगी अन्यथा उनकी सीट स्वतः निरस्त हो जाएगी और वह अगली सूची में अन्य छात्रों को आवंटित कर दी जाएगी।

दो मुख्य राउंड के साथ CLC का नया मौका

इस बार प्रवेश प्रक्रिया में दो मुख्य काउंसलिंग राउंड के अलावा कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) का एक अतिरिक्त राउंड भी रखा है।

यह राउंड उन सीटों को भरने के लिए होगा, जो मुख्य काउंसलिंग के बाद खाली रह जाती हैं। इससे अधिक से अधिक छात्रों को प्रवेश का अवसर मिल सकेगा और कॉलेजों में सीटें खाली नहीं रहेंगी।

12वीं के बाद सीधे करें 4 साल का ITEP कोर्स

इस वर्ष एनसीटीई के तहत बीएड, बीपीएड और एमपीएड कोर्स के साथ एक नया चार वर्षीय कोर्स आईटीईपी (ITEP) भी शुरू किया गया है।

इसकी खास बात यह है कि इसे 12वीं के बाद सीधे किया जा सकता है। इसे शिक्षक बनने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है, क्योंकि इसमें शुरुआती स्तर से ही प्रशिक्षण दिया जाएगा।

पहली किस्त फर्स्ट ईयर, दूसरी थर्ड में मिलेगी

लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत छात्राओं को स्नातक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने पर 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि फर्स्ट ईयर और थर्ड ईयर में दो बराबर किस्तों में दी जाएगी।

योजना का उद्देश्य प्रदेश में लिंगानुपात में सुधार करना, बालिकाओं के जन्म के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और उनकी शिक्षा व स्वास्थ्य की स्थिति को बेहतर बनाना है।

एलएलबी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए भी न्यूनतम अंक प्रतिशत निर्धारित किया गया है। तीन वर्षीय एलएलबी कोर्स के लिए सामान्य वर्ग के छात्रों को स्नातक में कम से कम 45 प्रतिशत अंक, अन्य पिछड़ा वर्ग को 42 प्रतिशत और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग को 40 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा।

इसी तरह पांच वर्षीय एलएलबी कोर्स में प्रवेश के लिए 12वीं कक्षा में भी यही न्यूनतम अंक प्रतिशत लागू रहेगा। यह नियम हरियाणा और मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल से मान्यता प्राप्त बोर्ड के विद्यार्थियों पर लागू होगा।

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