अहमदाबाद: केरल में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून में समय पर दस्तक दी थी। इसके बाद केरल और तमिलनाडु में बारिश की शुरुआत हुई थी लेकिन झमाझम बारिश से पहले ही मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। 17 राज्य में अभूतपूर्व सूखे की आशंका ने सरकार को डरा दिया है। पश्चिम में आने पड़ने वाले गुजरात में भी अभी तक बारिश नहीं हुई है। इस सब के बीच मौसम की सटीक भविष्यवाणियों के गुजरात में ‘बाबा वेंगा’ जैसी हैसियत रखने वाले अंबालाल पटेल ने अपना पूर्वानुमान साझा किया है।
गुजरात में कब से होगी बारिश?
अंबालाल पटेल ने कहा है कि गर्मी से जूझ रहे गुजरात को अगले हफ्ते के मध्य में बारिश मिलेगी। अंबालाल पटेल की मानें तो अल नीनो इफे्क्ट के बावजूद गुजरात में बारिश होगी। उन्होंने कहा कि बार-बार आने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और अल नीनो के असर से मॉनसून भले ही धीमा पड़ गया हो, लेकिन 22 जून से यह फिर से एक्टिव हो जाएगा। जुलाई में जोरदार बारिश होगी। अगर अंबालाल पटेल का अनुमान सच हुआ तो अगले हफ्ते गुजरात को बारिश मिली। अंबालाल पटेल ने कहा है कि निराश होने की जरूरत नहीं है जुलाई में बारिश का जबरदस्त दौर आएगा।
मॉनसून का गंगा-यमुना कनेक्शन
अंबालाल पटेल के अनुसार गंगा और यमुना के मैदानी इलाके अभी उतने गर्म नहीं हुए हैं जितने होने चाहिए। इसलिए बारिश लाने वाला सिस्टम नहीं बन पाया है। 18 जून को ऊपर से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने की संभावना है। इसके बाद 18 से 20 जून के बीच आसमान में बादल छाने लगेंगे। मौसम में बदलाव के कारण 22 जून तक राज्य के कुछ हिस्सों में अचानक अप्रत्याशित बारिश हो सकती है। गुजरात में मानसून जल्दी दस्तक देता है। इस बार गुजरात में मॉनसून की बारिश अभी तक नहीं हुई है।
अभी कहां पर है माॅनसून?
आईएमडी का कहना है कि मानसून तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के पास ठहर गया है। मानसून के पैटर्न में बदलाव के पीछे हवाओं के रुख में फेरबदल को जिम्मेदार माना जा रहा है। जिससे इस बार पश्चिमी जेट स्ट्रीम सामान्य से ज्यादा दक्षिण की ओर खिसक गई है। अंबालाल पटेल ने अपने अनुमान में कहा है कि बारिश की आधिकारिक और अच्छी शुरुआत 23 जून से होने की पूरी संभावना है। 23 से 26 जून के बीच कई इलाकों में अच्छी बारिश होगी। इसके बाद, 27 से 29 जून तक महाराष्ट्र और मुंबई समेत कई इलाकों में बारिश का माहौल रहेगा। बारिश की कमी से परेशान लोगों के लिए अच्छी खबर यह है कि 29 जून से 7 जुलाई के बीच सौराष्ट्र, मुंबई और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बारिश का एक मज़बूत सिस्टम बनेगा।