पश्चिम बंगाल, झारखंड और असम के डीजीपी तलब

जबलपुर, ऑनलाइन ठगी के मामलों की जांच में सुस्ती पर मप्र हाई कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। जबलपुर निवासी 70 वर्षीय चैताली मित्रा से 6.25 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में सुनवाई करते हुए जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने कहा कि साइबर अपराधी चंद मिनटों में लोगों की गाढ़ी कमाई लूट रहे हैं, जबकि पुलिस की कार्रवाई घोंघे की रफ्तार से चल रही है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने वेब सीरीज ‘प्रीतम और पेड्रो’ का जिक्र करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि तकनीकी विशेषज्ञता और पुलिसिंग को एक मंच पर लाकर साइबर अपराधों पर कार्रवाई की जाए।

अदालत ने केंद्र, बैंकों और जांच एजेंसियों को साइबर ठगी से जुड़े मामलों के लिए केंद्रीकृत तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए। अदालत मित्र अधिवक्ता आयुष तिवारी ने बैंकों की लापरवाही का मुद्दा उठाया, जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया।

आरोपी को 11 दिन में पकड़ने पर असम पुलिस की तारीफ हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल, झारखंड और असम के डीजीपी को 31 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर एसपी को अनिवार्य रूप से पेश होने के आदेश दिए। कोर्ट ने पूर्व आदेश के बावजूद अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई। मुख्य आरोपी को महज 11 दिनों में गिरफ्तार कर मप्र पुलिस को सौंपने के लिए असम पुलिस की सराहना भी की।

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