‘बेटी जैसी हो’ कहकर जीता भरोसा, फिर किया दुष्कर्म; चंदन नगर थाने का प्रधान आरक्षक गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल

इंदौर: चंदन नगर थाना में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक को दुष्कर्म के गंभीर आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत की जांच के बहाने एक महिला से संपर्क किया और बाद में उसे धमकाकर कई बार दुष्कर्म किया। मामले की शिकायत सीधे पुलिस आयुक्त से किए जाने के बाद कार्रवाई हुई। आरोपी को पहले लाइन अटैच किया गया और फिर उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया। रविवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार प्रधान आरक्षक अंचल तिवारी चंदन नगर थाने में पदस्थ था। थाना क्षेत्र में रहने वाली 43 वर्षीय महिला ने कुछ समय पहले एक अलग मामले में सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी। उसी शिकायत की जांच के लिए अंचल तिवारी महिला के संपर्क में आया। महिला का आरोप है कि शुरुआत में आरोपी ने भरोसा जीतने की कोशिश की और खुद को परिवार जैसा बताते हुए कहा कि वह उसे अपनी बेटी की तरह मानता है।

25 दिसंबर 2024 को की थी दरिंदगी, वीडियो बनाकर दी धमकी

महिला ने शिकायत में बताया कि 25 दिसंबर 2024 को उसका पति घर पर नहीं था। इसी दौरान आरोपी प्रधान आरक्षक शराब के नशे में उसके घर पहुंचा और जबरदस्ती दुष्कर्म किया। आरोप है कि उसने महिला के फोटो और वीडियो भी बना लिए। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वह लगातार महिला का शोषण करता रहा। डर और बदनामी की वजह से महिला लंबे समय तक किसी से कुछ नहीं कह सकी।

कुछ दिन पहले महिला ने पूरी घटना अपने पति को बताई। इसके बाद दोनों सीधे पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के पास पहुंचे और लिखित शिकायत दी। शिकायत सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर पाए जाने पर जोन-4 के डीसीपी सुनील मेहता ने आरोपी प्रधान आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया। इसके बाद चंदन नगर पुलिस ने उसके खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।

कमिश्नर के पास पहुंची शिकायत तो एक्शन में आई पुलिस

महिला का यह भी आरोप है कि आरोपी पुलिसकर्मी उसे और उसके परिवार को लगातार धमकाता था। उसने कई बार विरोध किया लेकिन आरोपी उसकी बच्ची और पति की हत्या करने की धमकी देता था। महिला ने बताया कि उसने आरोपी की पत्नी को भी पूरी बात बताई थी लेकिन वहां से भी कोई मदद नहीं मिली। एक महिला एसआई ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया लेकिन बाद में वरिष्ठ अधिकारियों तक पूरी जानकारी पहुंची। इसके बाद आरोपी को थाने से हटाया गया और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।

रविवार को पुलिस ने आरोपी प्रधान आरक्षक को गोपनीय तरीके से अदालत में पेश किया। पुलिस ने रिमांड नहीं मांगा और कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए।

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