वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक स्कूल की शिक्षिका की अमानवीयता का मामला सामने आया है। आरोप है कि पांच साल के मासूम के पैंट में पेशाब करना शिक्षिका को इतना नागवार गुजरा कि उसने बच्चे के साथ मारपीट की। इतने से उनका मन भरा तो उन्होंने मासूम का प्राइवेट पार्ट जला दिया। बच्चे के पिता वकील हैं। उन्होंने लालपुर थाने में तहरीर दी है। बच्चे के साथ अमानवीय घटना की बात करते हुए मीडिया के सामने वे रोने लगे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। अब इस मामले में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अखिलेश ने उठाया मामला
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस अमानवीय घटना के मुद्दे को उठाया है। उन्होंने छोटे बच्चे के साथ हुई इस घटना को गंभीर बताया। सपा अध्यक्ष ने एक्स पर किए गए पोस्ट में कहा है कि ये एक बेहद गंभीर मामला है, जिसका दर्दनाक और खौफनाक असर उस बच्चे पर जीवनभर हो सकता है। टीचर्स में इतनी समझ तो होनी चाहिए कि उन्हें बच्चों से हमदर्दी और इंसानियत से पेश आना चाहिए। उन्होंने तत्काल मामले में यथोचित कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरी घटना?
लालपुर पांडेयपुर थाना क्षेत्र के सेरीन सोनी प्ले स्कूल, काशी इन्क्लेव की टीचर पर मासूम छात्र से मारपीट और उसका प्राइवेट पार्ट जलाने का आरोप लगा है। छात्र के पिता की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में पिता का बयान सामने आया है। इसमें उन्होंने घटना की जानकारी दी। पिता ने बताया कि बच्चा 24 जुलाई को स्कूल गया था। वहां उसने बाथरूम जाने की अनुमति मांगी। टीचर ने उसे बाथरूम जाने से मना कर दिया।बच्चे का पैंट में ही पेशाब निकल गया। इससे शिक्षिका काफी नाराज हो गई। गुस्से में वह बच्चे को लेकर दूसरे कमरे में पहुंची। वहां उसने गैस लाइटर से बच्चे के निजी अंग को दाग दिया। मारपीट की और दोबारा ऐसी गलती होने पर बुरा हाल करने की धमकी दी।
पिता ने की कार्रवाई की मांग
पीड़ित बच्चे के पिता ने लालपुर-पांडेयपुर थाने में तहरीर देकर शिक्षिका, प्रिंसिपल और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि बच्चे ने घर पहुंचने के बाद पूरी घटना बताई। इसके बाद उन्होंने शिक्षिका से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया। पिता का आरोप है कि प्रिंसिपल ने भी मामले में उन्हें सहयोग नहीं दिया। ऊपर से धमकी दी गई। पुलिस मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अब अखिलेश यादव के मामला उठाने के बाद इसकी चर्चा तेज हो गई है।