RAW चीफ के लौटते ही बांग्लादेशी खुफिया एजेंसी के अधिकारी भागे पाकिस्तान, तारिक के भारत दौरे पर साजिश?

ढाका: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने ‘अनुकूल हालात’ होने पर यात्रा की दलील दी है। लेकिन दूसरी तरफ जब बांग्लादेश बहाने बना रहा है तब देश के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फोर्सेज इंटेलिजेंस (DGFI) के छह अधिकारी 15 अगस्त को एक गुप्त मिशन पर इस्लामाबाद के लिए रवाना हो गये। एक कर्नल की अगुवाई में DGFI अधिकारियों की टीम ढाका के हजरत शाह जलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से थाई एयरवेज की फ्लाइट (TG-322) से बैंकॉक होते हुए पाकिस्तान की राजधानी के लिए रवाना हुई।

नॉर्थ ईस्ट न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक कर्नल मगफुज-उल-बारी के नेतृत्व वाली टीम में विंग कमांडर इमरुल कैस, मोहिउद्दीन मोहम्मद आसिफ, स्क्वाड्रन लीडर रेहान मोहम्मद चौधरी, मुराद हुसैन तुषार और खंडोकर अरिफुल इस्लाम शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक बहुत उम्मीद है ये सभी अधिकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के अधिकारियों से मुलाकात करने वाले हैं।

पाकिस्तान में बांग्लादेशी खुफिया एजेंसी के अधिकारी

इससे पहले DGFI के डायरेक्टर जनरल कैसर राशिद चौधरी ने अप्रैल महीने में इस्लामाबाद की यात्रा की थी। उन्हें एक महीने पहले ही बांग्लादेशी खुफिया एजेंसी का प्रमुख बनाया गया था। राशिद चौधरी 1 अप्रैल को पाकिस्तान गये थे जबकि वो इसी साल मार्च में भारत भी आए थे जब वो ब्रिगेडियर के पद पर तैनात थे। DGFI के अधिकारियों का पाकिस्तान दौरा उस वक्त हो रहा है जब इसी महीने भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के प्रमुख पराग जैन ढाका गये थे।

मेजर जनरल चौधरी ने पाकिस्तान सेना के सीनियर अधिकारियों और इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) में अपने समकक्ष अधिकारियों से मुलाकात की थी। मेजर जनरल चौधरी के साथ DGFI के तीन अन्य अधिकारी भी गए थे। DGFI का डायरेक्टर जनरल बनने के कुछ ही दिनों बाद, मेजर जनरल चौधरी का पहला विदेशी ‘काम’ 1 मार्च को नई दिल्ली में शुरू हुआ।

भारत पूरे घटनाक्रम को कैसे देख रहा होगा?

नई दिल्ली ने मेजर जनरल चौधरी के पाकिस्तान दौरे को जितनी दिलचस्पी से देखा उतनी ही चिंता भी जताई। इसकी वजह यह थी कि मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार के 18 महीने के कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान सेना और ISI की गहरी दखलअंदाजी को लेकर भारतीय प्रशासन चिंतित था।

नई दिल्ली की अपनी दो दिन की यात्रा के दौरान मेजर जनरल चौधरी ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की थी लेकिन उन्होंने बांग्लादेश के हाई कमिश्नर रियाज हमीदुल्लाह से मिलने से परहेज किया था जिन्होंने उनके लिए डिनर का आयोजन करने की योजना बनाई थी।

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