यूसीसी कानून इस्लाम और शरीयत के खिलाफ:जमीअत के मुफ्ती बोले- धार्मिक आजादी खत्म कर रही मौजूदा सरकार

भोपाल, मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर जमीयत उलेमा मध्य प्रदेश ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। जमीयत के प्रदेश अध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद अहमद ने कहा कि जो कानून बनाया गया है, यह इस्लाम और शरीयत के खिलाफ बनाया गया है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने जो संविधान बनाया था, हम उस पर अमल करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। लेकिन मौजूदा हुकूमत हमारे और इस्लाम के खिलाफ कानून बना रही है। यह सरकार मजहब की आजादी को खत्म कर रही है।

मुफ्ती मोहम्मद अहमद ने रविवार को भोपाल में जमीयत उलेमा मध्य प्रदेश की बैठक के बाद यह बात कही। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों के अध्यक्ष, सचिव और खजांची के अलावा अलग-अलग मसलक के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में यूसीसी के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।

बता दें कि मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के खिलाफ जमीयत उलेमा मध्यप्रदेश ने अब प्रदेशव्यापी अभियान चलाने का फैसला किया है। भोपाल में हुई जमीयत की महत्वपूर्ण बैठक में यूसीसी के विरोध के लिए चार सूत्रीय रणनीति तैयार की गई। इसके तहत प्रदेशभर में 10 दिन तक ज्ञापन अभियान, जनजागरूकता अभियान और हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही यूसीसी को हाईकोर्ट में चुनौती देने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं के माध्यम से कानूनी तैयारी की जाएगी।

बैठक की अध्यक्षता जमीयत उलेमा मध्यप्रदेश के सदर मौलाना मुफ्ती मोहम्मद अहमद खान ने की। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों और तहसीलों के जमीयत पदाधिकारियों के साथ काजी, उलेमा, दानिशवरान, वरिष्ठ अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के वकील, रिटायर्ड डिस्ट्रिक्ट जज, रिटायर्ड असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर तथा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमात-ए-इस्लामी और विभिन्न मक्तब-ए-फिक्र के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

बोले- संविधान ने दी अपने मजहब के मुताबिक जीने की आजादी

मुफ्ती मोहम्मद अहमद ने कहा कि देश में जब संविधान बना, तब हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई समेत सभी धर्मों के लोगों ने मिलकर ऐसा संविधान बनाया, जिसमें हर व्यक्ति को अपने धर्म के अनुसार जीवन जीने की आजादी दी गई। जमीयत संविधान का सम्मान करती है और इसी व्यवस्था के तहत अब तक काम करती आई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार द्वारा बनाया जा रहा यूसीसी कानून मुस्लिम समाज के धार्मिक मामलों और शरीयत के खिलाफ है। ऐसा कानून उन्हें मंजूर नहीं है, जिससे उनकी धार्मिक स्वतंत्रता प्रभावित हो।

10 दिन प्रदेशभर में देंगे ज्ञापन

बैठक में तय चार सूत्रीय रणनीति के तहत सबसे पहले प्रदेश के सभी जिलों और तहसीलों में 10 दिन तक ज्ञापन दिए जाएंगे। कलेक्टर, एसडीएम, एसपी और अन्य संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर यूसीसी का विरोध दर्ज कराया जाएगा। इसके बाद प्रदेशभर में जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। लोगों को यूसीसी के विभिन्न पहलुओं और उनके संवैधानिक अधिकारों की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही हस्ताक्षर अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों का समर्थन जुटाने की योजना है।

प्रदेशभर से पहुंचे पदाधिकारी

बैठक में भोपाल के काजी शहर मौलाना काजी मुश्ताक अली नदवी, काजी अबू रैहान फारूकी, जमीयत के जनरल सेक्रेटरी मौलाना मोहम्मद इसहाक खान, रिटायर्ड डिस्ट्रिक्ट जज इकबाल गोरी, रिटायर्ड असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर उज्जैन रियाज शेख, वरिष्ठ अधिवक्ता सैयद साजिद अली, मेहबूब अंसारी, अब्दुल करीम अंसारी सहित कई पदाधिकारी और विधि विशेषज्ञ मौजूद रहे।

इसके अलावा खरगोन, रायसेन, गुना, बीना, इंदौर, देवास, शाजापुर, सीहोर, सागर, कटनी, जबलपुर, शहडोल, छतरपुर, धार, नीमच, सिवनी मालवा, छिंदवाड़ा, आगर मालवा, बैरसिया, नरसिंहपुर, गाडरवारा और प्रदेश के अन्य जिलों से बड़ी संख्या में जमीयत के जिम्मेदार शामिल हुए।

जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट जाएंगे

उन्होंने कहा कि अगर सरकार यूसीसी को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ती है तो जमीयत कानूनी रास्ता अपनाएगी। इसके लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाने के साथ ही कानून के दायरे में रहकर प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन और आवाज उठाई जाएगी। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने यूसीसी के खिलाफ एकजुट होकर काम करने और प्रदेशभर में ज्ञापन अभियान चलाने पर सहमति जताई।

Spread the love