‘गदर 2’ की रिलीज से पहले सनी देओल के करियर में एक ऐसा दौर भी आया था, जब उन्हें प्रोफेशनल के साथ-साथ आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। बतौर निर्माता और निर्देशक फिल्में बनाने का फैसला उनके लिए काफी जोखिम भरा साबित हुआ। ‘घायल रिटर्न्स’, ‘दिल्लगी’ और ‘पल पल दिल के पास’ जैसी फिल्मों के उम्मीद के मुताबिक, प्रदर्शन नहीं करने से उन पर आर्थिक दबाव बढ़ता चला गया।
साल 2023 में ‘गदर 2′ की शानदार सफलता के बाद सनी देओल की आर्थिक स्थिति को लेकर भी काफी चर्चा हुई थी। इसी दौरान एक बैंक ने जुहू स्थित उनकी प्रॉपर्टी की ई-नीलामी का नोटिस जारी किया था। बताया गया कि 55.99 करोड़ रुपये की बकाया रकम और इंटरेस्ट को लेकर यह कार्रवाई की गई थी। हालांकि, बाद में सनी के रकम चुकाने पर सहमति जताने के बाद नोटिस वापस ले लिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कर्ज 2016 में रिलीज हुई उनकी फिल्म ‘घायल रिटर्न्स’ से जुड़ा था, जिसे उन्होंने डायरेक्ट करने के साथ-साथ इसमें एक्टिंग भी की थी।
‘मैं कर्ज में डूबा हुआ था तब भी मैं बहुत खुश था’
अब सनी देओलने उस मुश्किल दौर के बारे में खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि आर्थिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने अपनी जिंदगी से खुश रहना कभी नहीं छोड़ा। उनके मुताबिक, पैसों की कमी ने उनके जीने के तरीके या फैसलों को बदलने नहीं दिया। शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में सनी ने कहा, ‘मैं पैसे के लिए बहुत कुछ नहीं कर सकता। लेकिन सच कहूं तो मैं बहुत खुश हूं। जब मैं कर्ज में डूबा हुआ था तब भी मैं बहुत खुश था। मैं अपनी जिंदगी जी रहा था।’
‘जो भी पैसा मुझ पर बकाया था, वह मैंने बैंक से लिए थे’
सनी ने यह भी साफ किया कि जो भी पैसा मुझ पर बकाया था, वह मैंने बैंक से लिए थे। उन्होंने किसी दूसरे व्यक्ति से निजी तौर पर पैसे उधार नहीं लिए थे। उन्होंने कहा , ‘जो पैसा मुझ पर बकाया था, वह मैंने। मैंने इसे किसी से उधार नहीं लिया था। मैं किसी का कुछ भी कर्ज नहीं लिया था। मुझे बस अपनी संपत्ति बेचकर कर्ज चुकाना पड़ा।’
फिल्मों के निर्देशन में भी आजमाई किस्मत
सनी देओल उस समय फिल्म निर्माता और निर्देशक के तौर पर भी खुद को स्थापित करने की कोशिश कर रहे थे। ‘घायल रिटर्न्स’ उनके निर्देशन में बनी दूसरी फिल्म थी। इससे पहले उन्होंने 1999 में ‘दिल्लगी’ डायरेक्ट की थी, जिसमें उनके भाई बॉबी देओल भी नजर आए थे। इसके बाद उन्होंने ‘पल पल दिल के पास’ का निर्देशन किया, जिससे उनके बेटे करण देओल ने बॉलीवुड में कदम रखा। हालांकि, निर्देशन के क्षेत्र में उनकी ये फिल्में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकीं। फिल्मों में पैसा लगाने के कारण सनी पर आर्थिक जिम्मेदारियां भी बढ़ती गईं।
‘गदर’ और ‘इंडियन’ की सफलता को किया याद
अपने करियर के पुराने दौर को याद करते हुए सनी ने बताया कि एक समय ऐसा भी था, जब उनकी लगातार फिल्में शानदार प्रदर्शन कर रही थीं। उन्होंने खास तौर पर साल 2001 का जिक्र किया, जब उनकी फिल्म ‘गदर’ आमिर खान की ‘लगान’ के साथ रिलीज हुई थी और बॉक्स ऑफिस पर बड़ी कामयाबी हासिल की थी।
‘लगान’ के मुकाबले दो से तीन गुना ज्यादा कमाई की
सनी ने उसी साल रिलीज हुई अपनी फिल्म ‘इंडियन’ की सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा करते हुए कहा, ‘गदर के साथ-साथ मैंने इंडियन भी दी, जो लगान और उस दौर की बाकी सभी फिल्मों से कहीं ज्यादा बड़ी हिट साबित हुई। इसने लगान के मुकाबले दो से तीन गुना ज्यादा कमाई की। गदर ने तो उससे भी कहीं ज्यादा कमाई की।’
बदलते दौर में नहीं मिले मनपसंद प्रोजेक्ट
कई सफल फिल्में देने के बाद सनी के करियर में धीरे-धीरे बदलाव आने लगा। उनका कहना है कि एक समय के बाद उन्हें अपनी पसंद की कहानियां और सही फिल्म निर्माता नहीं मिल पा रहे थे। सनी ने इसके पीछे हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में आए बदलाव और कॉरपोरेट कंपनियों की बढ़ती एंट्री को भी एक वजह बताया।
‘अचानक कॉरपोरेट कंपनियां आ गईं’
उन्होंने कहा , ‘अचानक कॉरपोरेट कंपनियां आ गईं और फिल्म इंडस्ट्री का स्वरूप बदलने लगा। लेकिन उसके बाद, मुझे नहीं पता क्यों मुझे सही कहानी और फिल्म निर्माता नहीं मिल रहे थे।’