चीनी J-10C के बाद अब तुर्की से यारी, बांग्लादेश खरीदने जा रहा घातक अटैक हेलीकॉप्टर, राफेल को चुनौती?

ढाका: बांग्लादेश चीनी जे-10सीई लड़ाकू विमान के बाद तुर्की से हमलावर हेलीकॉप्टर खरीद रहा है। इसका मकसद भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमान को चुनौती देना हो सकता है। बांग्लादेश ने कहा है कि चीनी जे-10सीई लड़ाकू विमान खरीदने की दिशा में वो आगे बढ़ चुका है। इसके अलावा बांग्लादेश अब तुर्की से भी हमलावर T129 अटैक हेलीकॉप्टर खरीदने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

बांग्लादेश ने कहा है कि वो चीनी J-10CE लड़ाकू विमान खरीदने के लिए डील का ड्राफ्ट तैयार कर रहा है। खबरों के मुताबिक एक ड्राफ्ट एग्रीमेंट तैयार किया गया है और यह डील 2026-27 के बजट में उपलब्ध फंड पर निर्भर करेगी।

रिपोर्ट के मुताबिक 20-24 J-10CE जेट की जरूरत है, लेकिन ढाका ने अभी तक इनकी अंतिम संख्या की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है। आपको बता दें कि बांग्लादेश और तुर्की के बीच T129 ATAK अटैक हेलीकॉप्टर सौदा उनकी सेना के आधुनिकीकरण योजना ‘Forces Goal 2030’ का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। बांग्लादेश अपनी हवाई मारक क्षमता और सैन्य ताकत को बढ़ाने के लिए तुर्किये से यह खतरनाक डील फाइनल कर चुका है।

तुर्की से हमलावर हेलीकॉप्टर खरीदेगा बांग्लादेश

आपको बता दें कि इस साल जनवरी में जब मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार थे उस वक्त बांग्लादेश ने तुर्की की टर्किश एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (TAI) कंपनी के साथ 6 अत्याधुनिक T129 ATAK अटैक हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए 600 मिलियन डॉलर के सौदे को मंजूरी दी थी। यह एक जी-टू-जी समझौता था जिसके तहत पहले चरण के हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी 2027 तक होने की उम्मीद है।

तुर्की से हेलीकॉप्टर खरीदने के पीछे की एक वजह ये भी है कि पहले बांग्लादेश ने रूस से Mi-28NM और अमेरिका से अपाचे हेलीकॉप्टर खरीदने की कोशिश की थी। लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध और भू-राजनीतिक वजहों से रूस समय पर डिलीवरी देने में नाकाम रहा और अमेरिकी हेलीकॉप्टर खरीदना बांग्लादेश के लिए मुश्किल था। जिसके बाद बांग्लादेश ने तुर्की से बात शुरू की थी।

T129 ATAK हेलीकॉप्टर की क्षमता क्या है?

बांग्लादेश इन हेलीकॉप्टरों को खास तौर से म्यांमार सीमा, चटगांव पहाड़ी क्षेत्रों और बंगाल की खाड़ी में अपनी समुद्री और जमीनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए तैनात करना चाहता है। इसकी मैक्सिमम रफ्तार 280 किमी/घंटा है और यह एक बार में 560 किमी तक उड़ान भर सकता है। इसमें 20mm की तीन बैरल वाली गन लगी होती है। इसके साथ ही यह एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें जैसे UMTAS, Hellfire और हवा से हवा में मार करने वाली स्टिंगर मिसाइलें ले जाने में सक्षम है।

भारत के लिए तुर्की के हेलीकॉप्टर क्या सिरदर्द बनेंगे?

नहीं। इसका सीधा सा जवाब है। लेकिन ये खतरा से ज्यादा जियो पॉलिटिकल संदेश है। बांग्लादेश सिर्फ 6 हेलीकॉप्टर खरीद रहा है। इतनी कम संख्या किसी बड़े युद्ध या भारत जैसे विशाल सैन्य शक्ति वाले देश के खिलाफ आक्रामक अभियानों के लिए नाकाफी है। भारतीय वायु सेना और थल सेना के पास भारी संख्या में आधुनिक AH-64E अपाचे और स्वदेशी LCH प्रचंड जैसे घातक लड़ाकू हेलीकॉप्टर्स का बड़ा बेड़ा मौजूद है। इसके अलावा भारत का एयर डिफेंस नेटवर्क जैसे S-400 और आकाश मिसाइल सिस्टम इन हेलीकॉप्टरों को भारतीय हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले ही बेअसर करने में सक्षम है।

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