दूध से घी तक मिलावट का खेल! MP में 11.73 लाख किलो खाद्य सामग्री जब्त, 25 ब्रांड के घी में खतरनाक मिलावट

भोपाल। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा प्रदेश भर में दूध और इससे बने उत्पादों की जांच के लिए 20 जुलाई से चलाए जा रहे विशेष अभियान में अभी तक 4642 सैंपल लिए गए हैं। इनमें 680 सैंपलों की जांच हो पाई है। जांच में 174 सैंपल अमानक पाए गए हैं, जबकि घी के 25 ब्रांड के सैंपल जांच में असुरक्षित मिले हैं। असुरक्षित सैंपलों से मतलब है कि उनमें कोई बाहरी चीज मिलाई गई है, जो जीवन के लिए खतरनाक भी हो सकती है।

अभियान के अंतर्गत पांच करोड़ 61 लाख रुपये की 11 लाख 73 हजार किलो खाद्य सामग्री मिलावट के संदेह में जब्त की जा चुकी है। गंभीर अनियमितता पाए जाने पर 18 उत्पादकों के रजिस्ट्रेशन भी निरस्त कर दिए गए हैं। वहीं, एनालाग पनीर पर प्रतिबंध के बाद 10,835 किलो पनीर भी जब्त किया जा चुका है।

निर्माताओं और विक्रेताओं के विरुद्ध कोर्ट में प्रस्तुत होंगे प्रकरण

नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि अभियान के अंतर्गत लिए गए सैंपलों में से 2605 विधिक और बाकी सर्विलांस यानी निगरानी के संबंध में लिए गए हैं। अमानक पाए गए सैंपलों के निर्माताओं और विक्रेताओं के विरुद्ध कोर्ट में प्रकरण प्रस्तुत किए जाएंगे।

नागपुर और गुजरात के अधिकारियों को लिखा पत्र

  • उधर, बस के माध्यम से नागपुर से दूध, मावा, केक आदि उत्पादों के परिवहन के प्रमाण मिलने के बाद नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन मनोज पुष्प ने नागपुर के कलेक्टर को पत्र लिखकर इस पर रोक लगाने की मांग की है।
  • इसी तरह, गुजरात के अहमदाबाद स्थित बालाजी डेयरी प्रोडक्ट का घी असुरक्षित पाए जाने पर वहां के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को पत्र लिखकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
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