कवर्धा। शिक्षा को अधिक समावेशी, सुलभ एवं तकनीक-सम्मत बनाने की दिशा में कार्यरत वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ की उल्लेखनीय उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। टीम द्वारा दृष्टिबाधित एवं सामान्य विद्यार्थियों के लिए 11,000 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार करने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है।
इस अभियान की शुरुआत 5 अक्टूबर 2024 को राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षिका के. शारदा के नेतृत्व में हुई। उनके मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के 30 शिक्षक-शिक्षिकाएँ अपने नियमित शैक्षणिक दायित्वों के साथ इस अभिनव अभियान में योगदान दे रहे हैं।
विद्यालय में भी श्रीमती तिवारी विज्ञान शिक्षण को प्रयोगात्मक एवं रुचिकर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहती हैं। वे विद्यार्थियों को विज्ञान के विषयों को प्रयोगों एवं गतिविधियों के माध्यम से समझाने के साथ-साथ विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। मंच संचालन एवं कला के क्षेत्र में भी उन्होंने जिला कबीरधाम में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उनके द्वारा विज्ञान एवं अन्य शैक्षणिक विषयों से संबंधित वीडियो समय-समय पर उनके यूट्यूब चैनलों के माध्यम से साझा किए जाते हैं और यह प्रयास निरंतर जारी है, जिसका लाभ विद्यालय के विद्यार्थियों सहित अन्य विद्यार्थियों को भी प्राप्त हो रहा है।
3 सितंबर 2026 को लोकभवन, रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल रामेन डेका एवं गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की छत्तीसगढ़ हेड डॉ. सोनल राजेश शर्मा द्वारा टीम को सम्मान प्रदान किया गया।
ऑडियो बुक्स के माध्यम से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री सहज रूप से उपलब्ध हो रही है, वहीं सामान्य विद्यार्थी भी सुनकर सीखने की आधुनिक पद्धति का लाभ उठा रहे हैं। यह पहल शिक्षा में समान अवसर, समावेशिता और तकनीकी नवाचार का अनुकरणीय उदाहरण बन रही है।