भोपाल। मध्य प्रदेश में टोल प्लाजा पर लगने वाली वाहनों की लंबी लाइन और रुकने की मजबूरी जल्द समाप्त हो सकती है। सड़क विकास निगम ने प्रदेश में पहली बार बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम का पायलट परीक्षण शुरू किया है। भोपाल-देवास मार्ग के फंदा टोल प्लाजा की एक लेन में यह व्यवस्था लागू की गई है। इसमें वाहनों को टोल बूथ पर रुकने या बूम बैरियर के खुलने की प्रतीक्षा नहीं करना पड़ेगी। चलते वाहन की पहचान कर अपने आप टोल राशि काटी जाएगी।
प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के सामने गुरुवार को सड़क विकास निगम के अधिकारियों ने इस तकनीक और इसके संचालन की पूरी प्रक्रिया का प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और यातायात व्यवस्था का उद्देश्य केवल बेहतर सड़क उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित, सुगम और समय की बचत वाली यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना भी है। बैरियर-लेस टोलिंग इसी सोच के अनुरूप किया जा रहा नवाचार है।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान व्यवस्था में टोल प्लाजा पर वाहनों को बैरियर के कारण रुकना पड़ता है, जिससे कई बार वाहनों की लाइन और अनावश्यक यातायात दबाव की स्थिति बनती है। नई व्यवस्था में वाहन बिना रुके टोल प्लाजा से गुजर सकेंगे। इससे यात्रियों के समय और ईंधन की बचत होगी तथा टोल प्लाजा पर लगने वाली अनावश्यक भीड़ को कम करने में मदद मिलेगी। पायलट परीक्षण के परिणामों का मूल्यांकन करने के बाद सफल पाए जाने पर एक जनवरी 2027 से भोपाल-देवास मार्ग के तीनों टोल प्लाजा की सभी लेनों में इसे लागू करने की योजना है।
100 किमी की गति से भी पार कर सकेंगे टोल प्लाजा
नई तकनीक में चलते हुए वाहन की स्वतः पहचान, वर्गीकरण और फास्ट टैग के विवरण के आधार पर टोल राशि का संग्रह किया जाएगा। वाहन लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से गुजरते हुए भी टोल प्लाजा को पार कर सकेगा। इससे बूम बैरियर के कारण होने वाली ब्रेकिंग और समय की बर्बादी समाप्त होगी।
इसके लिए लेन में फास्ट टैग रीडर, हाई-रिजोल्यूशन कैमरे, वाहन डिटेक्शन एवं क्लासिफिकेशन सेंसर, लेन कंट्रोलर तथा ट्रांजैक्शन प्रोसेसिंग सिस्टम लगाए गए हैं। वाहन के लेन से गुजरते ही सिस्टम फास्ट टैग को स्वतः रीड कर वाहन की पहचान करता है और वाहन की श्रेणी के अनुसार टोल राशि की गणना करता है। इसके बाद फास्ट टैग खाते से राशि काटने की प्रक्रिया पूरी करता है।
फास्ट टैग में परेशानी तो ई-चालान
यदि फास्ट टैग में पर्याप्त राशि नहीं है, पंजीकरण नंबर गलत है या किसी तकनीकी कारण से तत्काल भुगतान नहीं हो पाता है, तो वाहन मालिक को ई-चालान के माध्यम से टोल राशि की सूचना दी जाएगी। तीन दिन में राशि जमा नहीं करने पर नियमानुसार पेनल्टी सहित वसूली की जाएगी।