MP की 23,011 पंचायतों को मिलेगी ग्रेडिंग, श्रेणी के आधार पर तय होगा विकास बजट, जानें किसे मिलेगा कितना फंड?

भोपाल। प्रदेश में किसी ग्राम पंचायत को विकास के लिए कितनी राशि मिलेगी, यह अब किसी की अनुशंसा या जोर-जुगाड़ से नहीं बल्कि श्रेणी के हिसाब से निर्धारित होगा। यानी किसी ग्राम पंचायत के साथ भेदभाव नहीं हो पाएगा। विकसित भारत योजना-रोजगार एवं आजीविका मिशन वीबी-जी राम जी (ग्रामीण) के अंतर्गत विकास कार्यों के लिए पंचायतों को तीन श्रेणियों ए, बी और सी में बांटा गया है।

प्रदेश में 23,011 पंचायतें हैं। इनमें ए श्रेणी में एक हजार, बी श्रेणी में आठ हजार और शेष 14 हजार पंचायतों को सी श्रेणी में रखा गया है। केंद्र के निर्देश पर सभी राज्यों में इसी तरह से श्रेणीकरण किया जा रहा है। कुछ राज्यों में यह काम पूरा भी हो गया है। अब केंद्र सरकार इन पंचायतों को बजट आवंटित करने के लिए फार्मूला तैयार कर रही है, जिसमें स्पष्ट हो जाएगा कि किस श्रेणी की पंचायत को कितना बजट मिलेगा।

इस बीच प्रदेश में पंचायतों के श्रेणीकरण को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने स्वीकृति भी दे दी है। शीघ्र ही अधिसूचना जारी हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि आगामी पांच वर्ष में योजना के क्रियान्वयन पर कुल 29,619 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इसमें 10,574 करोड़ रुपये राज्यांश रहेगा।

नौ सूचकांकों और 100 अंकों की ग्रेडिंग के आधार पर तय हुईं श्रेणियां

जिला मुख्यालय से दूरी, गरीबी सूचकांक, आकांक्षी ब्लॉक, शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना विकास जैसे सड़क, बिजली आदि नौ सूचकांकों व विकास के अन्य मापदंडों के आधार पर पंचायतों का श्रेणीकरण किया गया है। सभी के लिए अलग-अलग अधिकतम अंक दिए गए हैं। कुल 100 अंक के आधार पर ग्रेडिंग की गई है।

ए श्रेणी में वे पंचायतें हैं, जिनमें विकास कार्य तुलनात्मक रूप से पर्याप्त हो चुके हैं। इसके बाद बी श्रेणी की पंचायतें आएंगी। सी में उन्हें रखा है जहां ए और बी से कम विकास हुआ है तथा वहां विकास कार्यों की अधिक आवश्यकता है। पंचायतों की श्रेणी बांटने के लिए केंद्र सरकार ने मापदंड निर्धारित किए हैं, पर राज्यों को अपने हिसाब से फार्मूला तय करने की छूट दी गई है। मध्य प्रदेश ने अपने स्तर पर मापदंडों में कुछ बदलाव किए हैं।

दो माह में चार हजार कार्य स्वीकृत: ‘विकसित पंचायत-2047’ के तहत बन रही योजनाएं

वीबी-जी राम जी योजना एक जुलाई से प्रदेश में प्रभावी हो गई है। योजना के अंतर्गत अभी तक चार हजार कार्य स्वीकृत भी हो चुके हैं। सभी पंचायतों को विकसित पंचायत-2047 की सोच के साथ योजना बनाना है। इसमें 318 तरह के कार्यों को शामिल किया गया है। पहली प्राथमिकता इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों को लेकर है।

कार्य प्रस्तावित करने से लेकर स्वीकृति तक के लिए तीन पोर्टल हैं। सबसे पहले पंचायतों द्वारा ‘प्लानर’ पर प्रस्ताव डाला जाता है। इसकी व्यवहार्यता का परीक्षण ‘सिपरी’ सॉफ्टवेयर से किया जाता है। इसके बाद प्रस्ताव केंद्र के ‘युक्तधारा’ पोर्टल में जाता है।

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