नई दिल्ली: भारत और रूस की ‘दोस्ती’ के बारे में भला कौन नहीं जानता। दुनियाभर के देशों ने देखा है कि कैसे इन दोनों ही राष्ट्र के संबंध हमेशा से मजबूत बने रहे हैं। खास तौर पर हाल के समय में जब पश्चिम एशिया संकट गहराया हुआ था तो ऐसे वक्त में तेल हो या फर्टिलाइजर, हर क्षेत्र में रूस ने भारत का पूरा समर्थन किया। यही नहीं अब रूस ने फैसला किया है कि वो भारत को फर्टिलाइजर्स की सप्लाई और बढ़ाएगा। रूसी फर्टिलाइजर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट आंद्रे गुरयेव ने कहा कि रूस ने भारत को फर्टिलाइजर की सप्लाई बढ़ा दी है।
पुतिन का वादा ऐसे हो रहा पूरा
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सप्लाई जारी रखने का भरोसा दिया था, जिसके बाद इस साल के पहले छह महीनों में 2.8 मिलियन टन की खेप भारत पहुंची। गुरयेव, जो ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के रूसी चैप्टर के प्रमुख भी हैं। उन्होंने शुक्रवार को दिल्ली ब्रिक्स बिजनेस फोरम के दौरान बताया कि कजान में (2024) ब्रिक्स समिट के दौरान, राष्ट्रपति पुतिन ने इंडस्ट्री को निर्देश दिया था कि वे यह सुनिश्चित करें कि रूसी फर्टिलाइजर के लिए भारतीय किसानों की मांग पूरी हो।
रूस ने भारत को फर्टिलाइजर सप्लाई बढ़ाई
गुरयेव ने कहा कि पुतिन के निर्देश पर रूसी उत्पादकों ने पिछले साल हमारे भारतीय साझेदारों को 6.5 मिलियन टन फर्टिलाइजर की सप्लाई की। यह पिछले साल की तुलना में 40 फीसदी ज्यादा था और 2021 में दर्ज किए गए स्तर से छह गुना ज्यादा था। आज, भारत की ओर से आयात किए जाने वाले हर तीन टन फर्टिलाइजर में से एक रूस में बनता है। गुरयेव ने कहा कि रूस से आने वाले पर्यावरण के अनुकूल फर्टिलाइजर यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं कि दुनिया के सबसे ज़्यादा आबादी वाले देश को सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाला भोजन मिल सके।
क्यों अहम है भारत रूस का रिश्ता
गुरयेव ने आगे कहा कि हम कुल मिलाकर ब्रिक्स देशों को रूसी एग्रोकेमिकल उत्पादों की सप्लाई बढ़ा रहे हैं। अब ब्रिक्स देशों को रूस के सभी मिनरल फर्टिलाइजर निर्यात का आधा हिस्सा मिलता है। ब्रिक्स देशों को कुल सप्लाई 2025 में 23.4 मिलियन टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जबकि 2024 में यह 21.5 मिलियन टन थी। इसमें साल-दर-साल 9 फीसदी की वृद्धि है। 2021 की तुलना में, ब्रिक्स देशों को रूसी निर्यात में 75 फीसदी की वृद्धि हुई।
ब्रिक्स समिट के लिए भारत आए हैं पुतिन
दिल्ली में ब्रिक्स बिजनेस फोरम में शामिल हुए रूसी प्रतिनिधिमंडल में 300 से ज्यादा लोग थे, जिनमें बड़ी कंपनियों के सीनियर एग्जीक्यूटिव भी शामिल थे। इस साल, ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के रूसी चैप्टर ने एक स्पष्ट रूपरेखा तैयार की है। इसने नौ मुख्य क्षेत्रों में प्रस्तावों का एक पोर्टफोलियो विकसित किया है, साथ ही कई ऐसे क्षेत्र भी हैं जिनमें व्यवसायों, वित्तीय संस्थानों, रेगुलेटर और विकास संस्थानों के बीच सहयोग की आवश्यकता है।
गुरयेव ने कहा कि हमने इन सभी क्षेत्रों में ठोस नतीजे देखे हैं। जिन पहलों ने इस साल काफी प्रगति की है, उनमें ब्रिक्स क्रेडिट रेटिंग एजेंसीज अलायंस, छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों के लिए ब्रिक्स फंड, ग्रेन एक्सचेंज और इंटरनेशनल रिमोट एम्प्लॉयमेंट प्लेटफॉर्म शामिल हैं।