ट्रंप ने जिनपिंग को बाइडन की तस्‍वीर दिखाकर उड़ाया मजाक, वाइट हाउस में ठहाके लगाकर हंसे चीनी राष्ट्रपति

वॉशिंगटन: वॉशिंगटन में आयोजित यूएस-चीन समिट ( Donald Trump Xi Jinping Summit ) के दौरान एक ऐसा वाकया देखने को मिला जिसको लेकर डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की जा रही है। उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन का मजाक उड़ाया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को वाइट हाउस घुमा रहे थे तब उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन का मजाक उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

वाइट हाउस में राष्ट्रपतियों के पोर्ट्रेट गैलरी के पास पहुंचते ही ट्रंप ने अपनी तस्वीरों की तरफ इशारा करते हुए कहा ‘ट्रंप, फिर ट्रंप और फिर यह ऑटोपेन!’ यह सुनते ही शी जिनपिंग और उनका प्रतिनिधिमंडल ठहाके लगाकर हंस पड़ा।

‘न्यूज वीक’ ने बताया है कि गुरुवार को हुई समिट के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को वाइट हाउस में लगी एक नई प्रदर्शनी दिखाई थी। इस प्रदर्शनी में अमेरिकी राष्ट्रपतियों की तस्वीरें और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन का मजाक उड़ाती हुई एक तस्वीर शामिल थी। इसी दौरान पूर्व राष्ट्रपति का ट्रंप ने मजाक उड़ाया है।

शी जिनपिंग के सामने ट्रंप ने उड़ाया जो बाइडेन का मजाक

‘न्यूज वीक’ के मुताबिक ट्रंप ने अपने पहले और दूसरे कार्यकाल की याद दिलाने वाले कॉलम के पास लगी अपनी तस्वीरों की ओर इशारा किया। फिर उन्होंने बाइडन से जुड़ी ‘ऑटोपेन’ (मशीन से हस्ताक्षर करने वाला उपकरण) की तस्वीर की तरफ इशारा करते हुए मजाक में कहा ‘ट्रंप, और फिर ट्रंप और यह ऑटोपेन है।’ इस पर शी जिनपिंग और उनका प्रतिनिधिमंडल हंस पड़ा। इसके बाद फिर ट्रंप ने शी जिनपिंग को इशारा करते हुए कहा ‘यह बाइडेन हैं।’

ट्रंप और शी के बीच क्या बातचीत हुई?

चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक गुरुवार को वाइट हाउस में हुई बैठक के दौरान शी जिनपिंग और ट्रंप ने दुनिया के कई अहम सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की जिनमें ईरान, यूक्रेन में रूस का युद्ध और कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव शामिल हैं। बीजिंग ने कहा कि नेताओं ने आने वाले क्षेत्रीय सम्मेलनों के लिए भी समर्थन जताया और ऐसे अमेरिकी-चीनी रिश्ते को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई जिसे शी जिनपिंग ने ‘रचनात्मक, रणनीतिक और स्थिर’ बताया।

चीनी सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV ने बताया है कि शी जिनपिंग ने खास तौर पर वॉशिंगटन और तेहरान के बीच कूटनीति की तरफ लौटने पर जोर दिया और US-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद जून में हुए अंतरिम समझौते को फिर से शुरू करने की कोशिशों का समर्थन किया। शी जिनपिंग ने कहा कि चीन एक व्यापक, दीर्घकालिक समझौते तक पहुंचने के मकसद से फिर से बातचीत शुरू करने का समर्थन करता है जिसमें ईरान का परमाणु कार्यक्रम भी शामिल है। चीन ईरान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है।

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