नई दिल्ली: चीन साल 2010 में जापान को पछाड़कर दुनिया की दूसरी बड़ी इकॉनमी बना था और तबसे उसी पोजीशन पर बना हुआ है। अभी अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी है। अमेरिका की जीडीपी करीब 32.38 ट्रिलियन डॉलर है जबकि चीन 20.85 ट्रिलियन डॉलर के साथ दूसरे नंबर पर है। यानी नंबर 1 बनने के लिए चीन को अभी लंबा रास्ता तय करना है। हालांकि पिछले 16 साल में उसकी इकॉनमी 6.19 ट्रिलियन डॉलर से करीब तीन गुना बढ़ चुकी है। इस दौरान अमेरिका की इकॉनमी लगभग दोगुनी हो चुकी है।
साल 2000 में चीन दुनिया की छठी बड़ी इकॉनमी था और 2005 में वह पांचवें नंबर पर पहुंचा। इसके बाद अगले पांच साल वह तेजी से बढ़ा और 2010 में दूसरे नंबर पर पहुंच गया। आईएमएफ वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक के मुताबिक इस साल चीन की इकॉनमी के 4.5 फीसदी की रफ्तार से बढ़ने का अनुमान है जबकि अमेरिका की जीडीपी ग्रोथ 2.3 फीसदी रह सकती है।
भारत की चाल
भारत साल 2000 में दुनिया की 13वीं बड़ी इकॉनमी था। 2005 में भी भारत इसी पोजीशन में था लेकिन 2010 में वह 9वें पायदान पर पहुंच गया। 2015 में वह सातवें पर पहुंचा और आज दुनिया की छठी बड़ी इकॉनमी है। इस साल भारत की जीडीपी के 7 फीसदी की रफ्तार से बढ़ने का अनुमान है जो दुनिया में बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे ज्यादा है।
फ्रांस साल 2000 में 5वें नंबर पर था और आज वह सातवें नंबर पर खिसक गया है। इस साल उसकी इकॉनमी के 0.4 फीसदी बढ़ने का अनुमान है। अगर रूस की बात करें तो वह 2000 में दुनिया की 21वीं बड़ी इकॉनमी था और आज वह नौवें नंबर पर पहुंच चुका है। फोर्ब्स के मुताबिक अभी जर्मनी दुनिया की तीसरी, जापान चौथी और यूके पांचवीं बड़ी इकॉनमी है।