सीबीएसई का कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स लॉन्च

बिलासपुर/रायपुर, सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन ने स्कूली शिक्षा को पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बोर्ड ने कक्षा 3वीं से 8वीं तक के लिए कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (CT&AI) नाम से एक नया कोर्स लॉन्च किया है।

इसका मुख्य उद्देश्य साल 2030 तक देश के हर छात्र को एआई-साक्षर बनाना है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9वीं के लिए अब तक चल रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के पुराने सभी कोर्स बंद कर दिए जाएंगे। वहीं, 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए एनसीईआरटी विशेष मॉड्यूल तैयार कर रहा है।

सीबीएसई अब कक्षा 3रीं से लेकर 8वीं में पढ़ रहे छात्रों को एआई की पढ़ाई कराने जा रहा है। सीबीएसई के अनुसार यह नया कोर्स किसी अलग भारी-भरकम किताब के बोझ जैसा नहीं होगा। इसके लिए जारी की गई रिसोर्स बुक्स एनसीईआरटी की गणित की किताबों की साथी होंगी।

रिसोर्स बुक के चैप्टर गणित की किताब के क्रम में ही होंगे। जैसे ही शिक्षक क्लास में गणित का कोई कॉन्सेप्ट पढ़ाएंगे, उसी समय उससे जुड़ी एआई और थिंकिंग एक्टिविटी भी कराई जाएगी। सीबीएसई के अनुसार इन किताबों में रटने वाले सवाल नहीं, बल्कि सोचने वाले सवाल होंगे जो छात्रों की तर्कशक्ति और समस्या सुलझाने की क्षमता बढ़ाएंगे।

सीबीएसई ने छात्रों और शिक्षकों के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट http://cbseacademic.nic.in/ पर हैंड बुक्स उपलब्ध करा दी हैं। स्कूलों को इन्हें तुरंत डाउनलोड कर लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षकों के लिए भी नई गाइडलाइन

सीबीएसई ने शिक्षकों के लिए भी विशेष निर्देश जारी किए हैं। अब क्लासरूम में टीचिंग से ज्यादा फैसिलिटेशन पर जोर होगा। शिक्षकों को सलाह दी गई है कि वे छात्रों को सीधे उत्तर न बताएं। छात्रों को खुद सोचने और गलतियां करने के लिए सुरक्षित माहौल दें। सही जवाब लाने से ज्यादा जरूरी सोचने की प्रक्रिया को समझाना होगा।

कक्षा 9वीं से 12वीं के लिए NCERT लाएगा मॉड्यूल

कक्षा 3वीं से 8वीं तक सीबीएसई का नया करिकुलम चलेगा, वहीं 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए एनसीईआरटी विशेष मॉड्यूल तैयार कर रहा है। सत्र 2026-27 से ये मॉड्यूल इंटरनल असेसमेंट यानी आंतरिक मूल्यांकन का हिस्सा होंगे। हालांकि, जो छात्र अभी 10वीं में हैं, वे पुराने नियमों के तहत ही अपनी पढ़ाई पूरी करेंगे।

इन खास स्किल्स पर रहेगा फोकस 

इस नए करिकुलम के जरिए छात्र साइबर सिक्योरिटी, बेसिक नेटवर्किंग, डेटा-संचालित निर्णय लेना और एआई के नैतिक पहलुओं जैसे विषयों को गहराई से समझेंगे। इसमें गेमिंग टूल्स, वर्चुअल रियलिटी और ऑगमेंटेड रियलिटी का भी उपयोग किया जाएगा ताकि पढ़ाई बोझिल न लगे।

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