भोपाल में टैक्स की हेराफेरी पर कसेगा शिकंजा; कर वसूली में गड़बड़ियों के बाद नगर निगम ने तय किए अधिकारियों के अधिकार

भोपाल। नगर निगम में संपत्तिकर वसूली और टैक्स निर्धारण में सामने आई गड़बड़ियों के बाद निगम प्रशासन ने टैक्स संशोधन और कर कम करने की प्रक्रिया को नियंत्रित करने के लिए नया शक्ति आदेश जारी किया है।हाल ही में संपत्तिकर की राशि कम करने और कर निर्धारण में अनियमितताओं के कई मामले सामने आए थे। इसके बाद निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने स्पष्ट वित्तीय सीमाएं तय करते हुए यह आदेश जारी किया है।

आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

नए आदेश के अनुसार, 12 हजार रुपये तक के टैक्स संशोधन का अधिकार संबंधित जोनल अधिकारी को रहेगा। 12 हजार से 50 हजार रुपये तक के मामलों का निर्णय संबंधित जोन के सहायक आयुक्त या प्रभारी राजस्व अधिकारी (विधानसभावार) करेंगे।

कार्य दिवसों में निराकरण करना अनिवार्य

आदेश में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वार्ड और जोन कार्यालयों में प्राप्त आवेदनों पर दो कार्य दिवस में प्रारंभिक कार्रवाई शुरू करना अनिवार्य होगा। सात कार्य दिवस के भीतर संबंधित अधिकारी को प्रकरण का निराकरण करना होगा। जिन मामलों में भौतिक निरीक्षण आवश्यक होगा, उनका निपटारा एक माह के भीतर करना होगा।
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