आर्लिंग्टन: स्पेन ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल का टिकट हासिल कर लिया है। सेमीफाइनल मुकाबले में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 2-0 से हराया। इस हार के बाद अब फ्रांस की टीम तीसरे स्थान पर रहने के लिए मुकाबला करेगी। फ्रांस का सामना दूसरा सेमीफाइनल हारने वाली टीम से होगा। इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच दूसरा सेमीफाइनल है। इसकी विजेता टीम फाइनल में स्पेन से भिड़ेगी।
स्पेन की तरफ से पहला गोल 22वें मिनट में मिकेल ओयरबाल ने किया। यह गोल पेनल्टी पर आया। स्पेन के 19 साल के विंगर लामिन यमाल को रोकने के प्रयास में फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिग्ने बॉक्स में फाउल कर बैठे, जिसके चलते स्पेन को पेनल्टी मिल गई। लुकास डिग्ने ने सिर से गेंद को उछालने के बाद किक करने की कोशिश की। इसी बीच यमाल पीछे से भागते हुए आ गए। डिग्ने ने उन्हें नहीं देखा और पैर चला दिया। उनके पैर यमाल जांघ पर लगा और रेफरी ने तुरंत पेनल्टी का इशारा कर दिया।
लामिन यमाल की बाजू पर लगी गेंद
स्लो-मोशन रीप्ले में दिखा कि जब लामिन यमाल बॉल पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे, उस दौरान बॉल उनके बाजू पर लगी। इसी वजह से कई फैंस का कहना है कि स्पेन की टीम को पेनल्टी नहीं मिलना चाहिए था। यमाल ने पहले ही फाउल कर दिया था।
हैंडबॉल के नियम क्या कहते हैं?
इंटरनेशनल फुटबॉल एसोसिएशन बोर्ड के नियम 12 के तहत, गेंद और खिलाड़ी के हाथ के बीच हर संपर्क को अपराध नहीं माना जाता है। नियमों के अनुसार, अगर कोई खिलाड़ी जानबूझकर गेंद को अपने हाथ या बाजू से छूता है या अगर उनके हाथ या बाजू की वजह से उनका शरीर ‘अस्वाभाविक रूप से बड़ा’ हो जाता है, तो इसे हैंडबॉल माना जाता है।
किसी खिलाड़ी के शरीर को अस्वाभाविक रूप से बड़ा तब माना जाता है जब हाथ या बाजू की स्थिति उस खास शारीरिक हरकत का स्वाभाविक नतीजा न हो। लामिन यमाल के मामले में गेंद के लिए चुनौती देते समय उनकी कोहनी उनके शरीर से सटी हुई थी। इसी वजह से उनकी बाजू पर बॉल लगने के बाद भी फाउल नहीं दिया गया।
इंग्लैंड के पूर्व डिफेंडर गैरी नेविल ने भी रेफरी का पक्ष लिया। जब उनसे पूछा गया कि क्या डिग्ने को यमाल की मूवमेंट के बारे में ज्यादा सतर्क रहना चाहिए था, तो नेविल ने जवाब दिया,’ हां, खासकर तब जब कोई खिलाड़ी बाहर की तरफ इतना शानदार खेल रहा हो, तो आपको पता होना चाहिए कि वह कहां है। शुरुआत में उसने अपनी बॉडी को बंद कर लिया था, उसे पता होना चाहिए था कि यमाल कहां है।’