रेड कॉल सेंटर से सुरक्षित होगी हर डिलीवरी:30 दिन तक मां-बच्चे की डिजिटल निगरानी,

जगदलपुर, जगदलपुर के महारानी अस्पताल में ‘रेड (रीचिंग एवरी डिलिवरी) कॉल सेंटर’ शुरू किया गया है। इससे जिले की हर गर्भवती महिला तक स्वास्थ्य सेवाओं की सीधी पहुंच होगी। इस व्यवस्था के तहत प्रसव से पहले और प्रसव के बाद 30 दिनों तक मां-नवजात शिशु की डिजिटल निगरानी की जाएगी। जिससे किसी भी संभावित समस्या का समय रहते समाधान किया जा सके।

इस कॉल सेंटर का उद्घाटन एक नवजात शिशु की मां के हाथों कराया गया। कॉल सेंटर के माध्यम से गर्भवती महिलाओं से सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें सुरक्षित और संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत विशेष रूप से 7 से 9 महीने की गर्भवती महिलाओं, खासकर हाई रिस्क श्रेणी में आने वाली महिलाओं पर फोकस किया जाएगा।

कॉल सेंटर के प्रतिनिधि सप्ताह में एक से दो बार फोन के माध्यम से इन महिलाओं से संपर्क करेंगे, उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी लेंगे और आवश्यक परामर्श देंगे। साथ ही जरूरत पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों के साथ समन्वय स्थापित कर समय पर उपचार और सहायता सुनिश्चित की जाएगी।

30 दिनों तक मां और नवजात की सेहत पर नजर

प्रसव के बाद भी मां और शिशु के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाएगी। जन्म के बाद के शुरुआती 30 दिनों तक नियमित फॉलो-अप के जरिए मां और नवजात की सेहत पर नजर रखी जाएगी। इस दौरान किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या या जटिलता सामने आने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलेगी।

“हरिक मांय, हरिक पिला” (खुश मां, खुश बच्चा) के तहत इस पहल का उद्देश्य जिले की हर गर्भवती महिला तक पहुंच बनाना है। स्वास्थ्य सेवाओं और आधुनिक तकनीक के इस समन्वय से बस्तर में मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी प्रसव असुरक्षित न रहे। हर मां और शिशु को समय पर बेहतर देखभाल मिल सके।

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