कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि के साथ मिलकर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री किया, जिसे लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस इवेंट से पीएम मोदी का मजाक बनाए जाने वाला वीडियो जैसे ही सामने आया लोगों का गुस्सा सोशल मीडिया पर फूट पड़ा है। वीडियो में जहां प्रधानमंत्री की इंग्लिश का मजाक बनाया गया है वहीं एक इवेंट में खड़ी बुजुर्ग महिला को पीएम मोदी की तरफ से कुर्सी बढ़ाए जाने का भी खूब मजाक बनाया गया। अब इस घटना पर तमाम कॉमेंट्स के बीच मनोज मुंतशिर शुक्ला का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने राहुल गांधी के इस एक्ट को मर्यादा से गिरना करार दिया है।
काफी लोगों ने ये सवाल खड़ा किया है कि अगर प्रधानमंत्री किसी बुजुर्ग महिला को कुर्सी दे रहे हैं तो राहुल गांधी को इसमें मजाक की क्या बात दिख गई? फेमस भारतीय गीतकार, कवि, स्क्रिप्ट और डायलॉग राइटर मनोज मुंतशिर ने भी पीएम मोदी का मजाक बनाए जाने पर राहुल के खिलाफ एक लंबा-चौड़ा पोस्ट शेयर किया है।
‘मैंने दो कॉमेडियन्स का वीडियो देखा, हंसी ढूंढ़ता रहा, मसखरी दिखाई दी,
सटायर ढूंढता रहा, संवेदन-शून्यता दिखायी दी
परिहास ढूंढता रहा, बदतमीजी दिखाई दी
एक वृद्ध महिला को कुर्सी और आदर देना अगर मजाक का विषय है, तो ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि मैं आजीवन मजाक बन के जीता रहूं और एक दिन मजाक बनके ही इस निर्मम दुनिया से चला जाऊं
विरोध करना लोकतांत्रिक-अधिकार है, लेकिन मर्यादा से गिरना चारित्रिक-पतन है
परमात्मा मुझे वो दिन न दिखाए कि मैं अपने महान भारतवर्ष में कभी जोकर-राज देखूं।’
‘जेन जी के चिरागों, हंसने के लिए बीरबल के चुटकुले पढ़ लेना’
मनोज मुंतशिर ने आगे लिखा, ‘मेरे बच्चों, जेन जी के चिरागों, हंसने के लिए बीरबल के चुटकुले पढ़ लेना, पंचतंत्र की कहानियां पढ़ लेना, तेनालीराम के किस्से पढ़ लेना, लेकिन ऐसे भावना-शून्य जोकरों को अपनी मोबाइल स्क्रीन पर जगह देकर, अपने माता-पिता की परवरिश को लज्जित मत करना, जीते रहो!’