बिहार के 6 जिलों के 255 गांवों में बाढ़:राज्य का 73% हिस्सा बाढ़ प्रभावित; यूपी में 15 नदियां खतरे के निशान से ऊपर

बिहार में गंडक नदी में उफान और तटबंध टूटने से सारण समेत 6 जिलों के करीब 255 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इससे करीब 4 लाख की आबादी प्रभावित हुई है। 44 हजार लोग घर छोड़ चुके हैं। राज्य की प्रमुख नदियां भी उफान पर हैं।

वहीं, बिहार सरकार के मुताबिक राज्य का करीब 68.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र, यानी लगभग 73% हिस्सा बाढ़ प्रभावित है। राज्य के 38 में से 28 जिले बाढ़ की चपेट में आने वाले माने जाते हैं।

यूपी में आज सुबह से ज्यादातर जिलों में धूप निकली है। मौसम विभाग ने आज किसी भी जिले में बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। राज्य में नदियां अब भी उफान पर हैं। गंगा, शारदा समेत 15 नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। उन्नाव में सई नदी का पानी 12 से ज्यादा गांवों में घुस गया है।

राजस्थान में अक्टूबर में भी दिन के समय तेज गर्मी है। पारा 40 डिग्री के ऊपर पहुंच गया है। सबसे ज्यादा असर पश्चिमी जिलों में है। शुक्रवार को सबसे अधिक तापमान पिलानी (झुंझुनूं) में दर्ज हुआ। 

यूपी में आज यानी शनिवार सुबह से ज्यादातर जिलों में धूप निकली है। मौसम विभाग ने आज किसी भी जिले में बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि बारिश तो थम गई है, लेकिन नदियां अब भी उफान पर हैं।

बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। गंडक नदी में उफान और तटबंध टूटने से सारण समेत 6 जिलों के करीब 255 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इससे करीब 4 लाख की आबादी प्रभावित हुई है। 44 हजार लोग घर छोड़ चुके हैं। 

मध्य प्रदेश के आधे हिस्से में सूखे जैसे हालात हैं। 55 में से 30 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ है। इनमें भी 11 जिले ऐसे हैं, जहां 80% से कम पानी गिरा। आलीराजपुर में तो आधी बारिश भी नहीं हुई। 

हरियाणा में अक्टूबर शुरू होने के बावजूद गर्मी से राहत नहीं मिली है। बारिश नहीं होने और मौसम शुष्क रहने से प्रदेश में दिन का तापमान बढ़ रहा है। शुक्रवार को प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में गुरुवार के मुकाबले 0.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। 

पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम अब लगातार ड्राई बना हुआ है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के असर से वातावरण में नमी कम हो रही है और बारिश के आसार भी कम बने हुए हैं। राज्य के औसत अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है।

हिमाचल प्रदेश से लगभग सवा तीन महीने बाद आज से मानसून की विदाई के आसार है। अगले 48 घंटे के भीतर पूरे प्रदेश से मानसून विदा हो सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार अभी मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। प

उत्तराखंड से आज विदा मानसून हो जाएगा। अगले 24 घंटे में मानसून के प्रदेश के अधिकांश हिस्सों से लौटने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 3 और 4 अक्टूबर को सभी 13 जिलों में मौसम शुष्क रहेगा। मैदानी इलाकों में सुबह हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बन सकती है। 

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