पटनाः बिहार की राजधानी पटना में गंगा नदी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है, जिससे दीघा और गांधी घाट समेत विभिन्न घाटों और उसके आसपास के इलाकों में बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। मरीन ड्राइव यानी जेपी गंगा पथ पर स्थित कृष्णा घाट की सीढ़ियों समेत कई महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाएं पानी की जद में आ चुकी हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग ने गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर अलर्ट जारी किया है। पटना में गांधी घाट खतरे से 1.76 मीटर ऊपर जलस्तर रिकॉर्ड किया गया। वहीं दीघा घाट खतरे से 1.68 मीटर ऊपर है।
तटीय और निचले हिस्सों के लोगों की मुश्किलें बढ़ी
हालात 2016 की भीषण बाढ़ जैसे नजर आ रहे हैं। गंगा के इस रौद्र रूप से पूरा दियारा इलाका पानी में डूब गया है और निचले इलाकों में स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। यद्यपि मुख्य शहरी क्षेत्रों में अभी तक पानी नहीं घुसा है, लेकिन तटीय और निचले हिस्सों के लोगों की मुश्किलें चरम पर हैं।
दियारा क्षेत्र से लोग सुरक्षित स्थान पर पलायन
तकरीबन एक दशक बाद आई इस आपदा के कारण दियारा क्षेत्र के निवासी अपने सामान और मवेशियों को साथ लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। इतनी बड़ी आबादी और मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकालना राज्य सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने कई प्रभावित जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
कई अन्य जिलों में भी बाढ़ का खतरा
पटना के अलावा भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय, जहानाबाद जिले में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जोखिम से बचने की अपील की गई है। आपात स्थिति में राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के 1070 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री स्थिति की कर रहे निगरानी
बिहार में बाढ़ की उत्पन्न बाढ़ की स्थिति पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री लगातार नजर रख रहे हैं। गुरुवार को सीएम सम्राट चौधरी ने आज पटना में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं उपमुख्यमंत्री सह-जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने पटना के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ही तटबंधों का भी जायजा लिया। विजय चौधरी ने कहा कि भागलपुर जिला बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित है। उन्होंने कहा कि खरीक अंचल के राघोपुर पंचायत में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है लेकिन स्थिति नियंत्रण में है।
वहीं झारखंड में हुई भारी बारिश के चलते पुनपुन और दरधा नदी के जलस्तर में अत्यधिक बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग के अभियंता स्थिति पर नजर बनाए हुए है।