नागोया एशियन गेम्स 2026 के मेंस क्रिकेट फाइनल में भारत के हाथों 19 रनों से हारकर पाकिस्तान को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। इस मुकाबले में 51 गेंदों पर 96 रनों की आतिशी पारी खेलने वाले पाकिस्तानी मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज हसन नवाज मैदान पर अपने शॉट्स से ज्यादा मैदान के बाहर अपने जहरीले बयानों और खराब बर्ताव को लेकर विवादों के घेरे में आ गए हैं। एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन के बावजूद हसन नवाज ने अपने बर्ताव से खेल भावना को गहरी ठेस पहुंचाई है, जिससे वे सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में विलेन बनकर उभरे हैं।
भारत से करता है नफरत
हसन नवाज को लेकर उठा विवाद उनके उस इंटरव्यू से जुड़ा है जो उन्होंने पाकिस्तानी पत्रकार कादिर ख्वाजा को दिया था। जब 24 साल के नवाज से इंटरनेशनल क्रिकेट में माइंडसेट और भारतीय टीम का सामना करने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पेशेवर शिष्टाचार को पूरी तरह से दरकिनार करते हुए कहा था, ‘जब आप भारत के खिलाफ खेलते हैं, तो जाहिर तौर पर एक अलग मोटिवेशन होता है। आपके अंदर से खुद-ब-खुद यह भावना आती है कि आप उनके गेंदबाजों पर हावी होकर हमला करें। ईमानदारी से कहूं तो मुझे भारत के सभी गेंदबाजों से नफरत है।’
पाकिस्तानी खिलाड़ियों में अजीब ट्रेंड
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के युवा खिलाड़ियों में सस्ते हेडलाइंस और विवादों के जरिए ध्यान खींचने का एक खतरनाक कल्चर बनता जा रहा है। भले ही नवाज ने एशियन गेम्स में रन बनाए हों, लेकिन उनका यह आक्रामक और कड़वाहट से भरा रवैया टीम के कल्चर के लिए बेहद जहरीला है। सिल्वर मेडल का जश्न मनाने के बजाय आज पूरी पाकिस्तानी टीम एक ऐसे खिलाड़ी की वजह से शर्मिंदगी झेल रही है, जिसने क्रिकेट से ऊपर व्यक्तिगत दुश्मनी और नफरत को चुना।
फैंस के हैं दो राय
हसन नवाज के इस बयान पर फैंस दो राय में बटे नजर आ रहे हैं। कुछ फैंस का मनना है कि भले ही नवाज ने नफरत भरा बयान दिया था, लेकिन मैदान पर उन्होंने आक्रामक बैटिंग करके अपने शब्दों को सही साबित करने की कोशिश की और भारतीय गेंदबाजों की कमजोरियों को उजागर किया। वहीं कुछ फैंस का मनना है कि हसन नवाज ने खुद की बल्लेबाजी कर ज्यादा ध्यान देना चाहिए ना कि इन सब बातों पर।