भोपाल। हरदा पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट हो, देवास की पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट या फिर जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसा। हर बड़ी घटना के बाद जिम्मेदारों की नींद खुलती है। इन घटनाओं का जिक्र इसलिए करना लाजमी है क्योंकि रेलवे प्रशासन को भी किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
दरअसल, भोपाल-इटारसी ट्रेनों में किन्नरों द्वारा यात्रियों से जबरन वसूली का खेल लगातार जारी है। चंद रोज पहले सामने आए वीडियो ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। यात्रियों का आरोप है कि विरोध करने पर अभद्रता और धमकी दी जाती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई के बजाय केवल निगरानी के दावे कर रहे हैं।
पहले भी हो चुकी हैं कई घटनाएं
भोपाल-इटारसी रेलखंड पर ट्रेनों में किन्नरों द्वारा यात्रियों से जबरन वसूली की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। यात्री बताते हैं कि पैसे देने से मना करने पर उन्हें अपमानित और डराने की कोशिश की जाती है। यह समस्या नई नहीं है।
वर्ष 2015 में इटारसी के पास एक यात्री को चलती ट्रेन से फेंकने और करीब डेढ़ वर्ष पहले विदिशा में यात्री को धक्का देने का मामला सामने आ चुका है। इसके बावजूद स्थिति में खास सुधार नहीं दिख रहा। हाल ही में वायरल वीडियो में भी किन्नरों को खुलेआम वसूली करते देखा गया, जबकि कार्रवाई से बचने के लिए वे स्टेशन से पहले आउटर क्षेत्र में उतर जाते हैं।
ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी के दावे
रेलवे प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी के दावे कर रहा है, लेकिन ट्रेनों में अवैध वसूली का सिलसिला थम नहीं रहा। यात्रियों का कहना है कि शिकायतों और वीडियो सबूतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि रेलवे आखिर किस बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
346 किन्नरों पर कार्रवाई, 2.15 लाख रुपए जुर्माना
ट्रेनों में किन्नरों द्वारा यात्रियों से जबरन पैसे वसूलने और परेशान किए जाने की खबर प्रकाशित होने के बाद आरपीएफ ने कार्रवाई के आंकड़े साझा किए हैं। भोपाल मंडल में वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में 346 किन्नरों पर कार्रवाई कर 2.15 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला गया है।