इस्लामाबाद: बलोच नेता मीर यार ने एक बार फिर भारत से रिश्ते पर जोर दिया है और पाकिस्तान से आजादी की बात कही है। मीर यार ने भारत को सदियों पुराना पड़ोसी और दोस्त करते हुए कारगिल विजय दिवस की बधाई भी दी है। यह पाकिस्तानी आर्मी और सरकार को सीधे-सीधे चिढ़ाने जैसा है क्योंकि 1999 की इस लड़ाई में पाकिस्तान को भारतीय सेना के सामने हार का सामना करना पड़ा था। मीर ने कहा कि पाकिस्तान की पकड़ बलूचिस्तान पर कमजोर हो रही है और हम आजादी की ओर बढ़ रहे हैं।
मीर यार बलोच ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, ‘कारगिल युद्ध भारत और बलूचिस्तान, भारत और सिंध, भारत और पख्तूनिस्तान के बीच नहीं लड़ा गया था। बल्कि लड़ाई रावलपिंडी में बैठी सेना की आतंकवादी सोच और बहादुर भारतीय सेना के बीच लड़ा गया था। इस्लामाबाद की किराए की सेना को भारतीय सेना ने बुरी तरह हराया था। पाकिस्तान की गैर-पेशेवर सेना ने हताहतों की संख्या कम दिखाने के लिए अपने सैनिकों के शवों को वहीं छोड़ दिया था। यही तरीका पाकिस्तान सेना बलूचिस्तान में अपना रही है, जहां वह अपने मारे गए सैनिकों की लाश लेने का दावा तक नहीं करती है।’
‘भारत से पुराने संबंध’
मीर ने आगे लिखा, ‘बलूच, सिंधी और पख्तून लोगों के भारतीयों के साथ सदियों पुराने ऐतिहासिक संबंध हैं। हम अपने दोस्ताना रिश्तों को सहयोग के अगले स्तर पर ले जाना चाहते हैं, जिससे व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में स्थायी शांति और दीर्घकालिक साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा। समय आ गया है कि दिल्ली बलूचिस्तान गणराज्य, सिंधदेश और पख्तूनिस्तान के नेतृत्व से संपर्क करे और रक्षा समझौते करे।’
मीर ने आगे कहा कि भारत को पाकिस्तान से बलूच और सिंध के समुद्री और तटीय इलाकों को खाली करने और कश्मीर व पख्तूनिस्तान से हटने के लिए कहें। रावलपिंडी के पंजाबी मुस्लिम अभिजात वर्ग का आतंकवादी ढांचा तब तक नहीं टिक पाएगा जब बलूच, सिंधी, कश्मीरी, गिलगिटी और पख्तून पाकिस्तानी गुलामी की बेड़ियों से पूरी तरह मुक्त हो जाएंगे।
‘बलूचिस्तान की कौम जीतेगी’
मीर यार ने अपने पोस्ट के साथ एक वीडियो साझा किया है,जिसमें बलूच बच्चे पाकिस्तानी पुलिस की गाड़ी पर जूते मार रहे हैं। वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान गणराज्य की बहादुर और देशभक्त बलूच कौम यह युद्ध जीत रही है।
पाकिस्तान की हमलावर बाहरी ताकतें पहले ही अपनी पकड़ खो चुकी हैं। हमारे बच्चे ही बलूचिस्तान की भविष्य की सेना, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, विधायक, प्रोफेसर, शिक्षक, राजदूत और बलूचिस्तान गणराज्य की असली संपत्ति हैं।