‘धुरंधर 2’ में मेजर इकबाल के रोल से छाए एक्टर अर्जुन रामपाल ने एक इंटरव्यू में अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल और दर्दनाक दौर के बारे में बात की है। उन्होंने उस वक्त को याद कर दर्द उड़ेला, जब पत्नी मेहर जेसिया से तलाक हुआ, अपनी करीबियों को खोया और मां भी कैंसर से जूझ रही थीं। अर्जुन रामपाल के मुताबिक, उन सभी चीजों ने उन्हें एक बार फिर खुद से जुड़ने की ओर धकेल दिया। अर्जुन ने बताया कि उस दौरान वह खुद से डिस्कनेक्ट हो गए थे, जो तकलीफ भरा था।
अर्जुन रामपाल ने साल 1998 में मॉडल मेहर जेसिया से शादी की थी और दो बेटियों के पिता बने, पर 2019 में उनका तलाक हो गया और 21 साल की शादी टूट गई। उन्होंने 2018 में अलग होने का ऐलान किया था। उसी साल से अर्जुन रामपाल मॉडल Gabriella Demetriades को डेट कर रहे हैं और दो बेटों के पिता हैं।
‘शादी ठीक नहीं चल रही थी, और ये दुख की बात है’
अर्जुन रामपाल ने अपनी जिंदगी के बुरे दौर के बारे में बात करते हुए ‘कैंसल्ड टू क्राउन’ को इंटरव्यू दिया और बताया कि कैसे उनका सबकुछ लगभग खो गया था। जब अर्जुन रामपाल से उनकी जिंदगी के सबसे अकेलेपन भरे दौर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि किया कि अकेलापन फिजिकली नहीं बल्कि खुद से अलग-थलग महसूस करने से हुआ था। वह बोले, ‘मुझे लगता है कि मैंने सबसे अधिक अकेलापन तब महसूस किया जब मैं खुद से उस तरह जुड़ा हुआ नहीं था जैसा कि मैं आज हूं। मेरी शादी ठीक से नहीं चल रही थी और यह दुखद है क्योंकि मुझे लगता है कि प्यार स्थिर नहीं होता। जीवन में सब कुछ स्थिर नहीं होता। हम स्थिर नहीं हैं, हम लगातार बदलते रहते हैं और कभी-कभी इस बदलाव में हम एक साथ अच्छी तरह से विकसित नहीं हो पाते या बदल नहीं पाते।’
‘मां को कैंसर था, मैं करीबियों को खो रहा था’
अर्जुन रामपाल ने आगे कहा, ‘मुझे लगता है कि वह शायद मेरी जिंदगी का सबसे अंधकारमय दौर था क्योंकि ठीक उसी समय मेरी मां को कैंसर था और मैं उन्हें खो रहा था। मैं अपने सभी करीबी लोगों को खो रहा था। उससे तीन साल पहले मैंने पिता को खो दिया था। मैं दोस्तों को खो रहा था। मैं वह सब कुछ खो रहा था जिसके लिए मैंने इतनी मेहनत की थी।’
कौन थीं अर्जुन रामपाल की मां?
अर्जुन रामपाल की मां ग्वेन रामपाल का 27 अक्टूबर 2018 को निधन हो गया। वह पेशे से टीचर थीं और पति से तलाक के बाद बेटे अर्जुन रामपाल को अकेले पाला था। 2018 में ही अर्जुन पत्नी मेहर से अलग हो गए थे।
अपने भीतर झांककर खुद की गलतियां समझने की जरूरत
अर्जुन रामपाल ने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें कहीं और जवाब खोजने के बजाय आत्मनिरीक्षण करने के लिए मजबूर किया। वह बोले, ‘जब आप सब कुछ खो देते हैं, तो आपके सामने केवल एक ही चीज बचती है और वह है आत्मनिरीक्षण। आप कुछ नहीं कर सकते, आपको अपने भीतर झांककर यह समझना होगा कि आप क्या बन गए हैं, ऐसा क्यों हुआ, आपकी क्या गलतियां हैं।’
‘दूसरों को दोष नहीं दे सकते’
अर्जुन आगे बोले, ‘आप दोष नहीं दे सकते। अगर आप दोष देते हैं, तो आप और भी दुखी हो जाएंगे क्योंकि आप इसे आत्मनिरीक्षण से बचने के लिए एक बहाने के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। आप खुद को पीड़ित बना रहे हैं। लेकिन आप ऐसा नहीं कर सकते। असली ग्रोथ तभी होती है, जब आपको अपनी गलतियों को स्वीकार करना आता हो।’