नई दिल्ली, केंद्र सरकार ने शुक्रवार को नेशनल टीचर्स अवॉर्ड 2026 का ऐलान किया। देशभर से 48 शिक्षकों को चुना गया है। इनमें केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, आदर्श जनजातीय स्कूल और पीएम श्री स्कूलों समेत कई संस्थानों के शिक्षक चुने गए हैं।
48 स्कूली शिक्षकों में से 26 पुरुष और 22 महिला टीचर हैं। उत्तर प्रदेश से तीन, बिहार और एमपी से दो-दो टीचर्स चुने गए हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 सितंबर को शिक्षकों को ये पुरस्कार देंगी। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर हुआ चयन
मंत्रालय के अनुसार, 48 शिक्षकों का चयन स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने तीन चरणों में किया है। यह प्रक्रिया जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पूरी की गई।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कारों का उद्देश्य देश के कुछ बेहतरीन शिक्षकों के विशेष योगदान को सामने लाना है। इसके साथ ही उन शिक्षकों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता और मेहनत से स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर की और छात्रों का जीवन समृद्ध बनाया।
1958 में शुरू हुआ था यह अवॉर्ड
नेशनल टीचर्स अवॉर्ड की शुरुआत 1958 में हुई थी। इसका उद्देश्य बेहतरीन और समर्पित शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से सम्मान देना और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को पहचानना था। यह अवॉर्ड किन टीचर्स को दिया जाता है-
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में उल्लेखनीय काम किया हो।
अपने प्रयासों से छात्रों के सीखने और विकास में योगदान दिया हो।
पढ़ाई में नए और प्रभावी तरीकों का इस्तेमाल किया हो।
अपने काम से दूसरे शिक्षकों के लिए उदाहरण और प्रेरणा पेश की हो।