भारत के बाद चीन जाएंगे नेपाली PM बालेन शाह की पार्टी RSP के प्रमुख रबि लामिछाने, चीनी न्योते के पीछे बड़ा गेम?

काठमांडू: नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष रबी लामिछाने अगस्त में चीन का दौरा कर सकते हैं। उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC) ने आमंत्रित किया है और इस राजनीतिक दौरे की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। रबि लामिछाने इससे पहले भारत आ चुके हैं और अब अगर वो चीन का दौरा करते हैं तो इसका मतलब दोनों देशों के बीच संबंध में संतुलन लाना हो सकता है।

नेपाल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक RSP के अंदरूनी सूत्रों ने बताया है कि इस दौरे में राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है और बीजिंग में उच्च-स्तरीय बैठकें भी होंगी। सूत्रों ने बताया कि लामिछाने CPC के वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत कर सकते हैं और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मिल सकते हैं हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

रबि लामिछाने का चीन दौरा तय

पार्टी के सूत्र ने कहा ‘दौरा लगभग तय हो गया है लेकिन तारीखें अभी तय नहीं हुई हैं। यह एक राजनीतिक दौरा है जिस पर लंबे समय से चर्चा चल रही है और तैयारियां जारी हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल होगा यह अभी तय नहीं हुआ है। RSP नेता गणेश पराजुली ने कहा कि दौरे के दौरान नेपाल-चीन संबंधों से जुड़े कई राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा ‘कई राजनीतिक बैठकें हो सकती हैं और चीनी राष्ट्रपति के साथ भी बातचीत की संभावना है। हालांकि अभी तक कोई औपचारिक कार्यक्रम तय नहीं हुआ है।’

पार्टी के एक सूत्र ने बताया कि चीन की ओर से कुछ समय पहले ही निमंत्रण दिया गया था और लामिछाने ने अब इस दौरे पर जाने के लिए सहमति दे दी है। पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार लामिछाने के श्रावण महीने के आखिरी हफ्ते या भाद्र महीने के पहले हफ्ते में चीन जाने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि हालांकि यह दौरा कोई आधिकारिक सरकारी मिशन नहीं है फिर भी विदेश मंत्रालय लॉजिस्टिकल और राजनयिक व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहा है।

चीनी कम्युनिस्ट के नेताओं से बैठकें

नेपाली विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि यह दौरा राजकीय यात्रा के बजाय पार्टी स्तर पर होगा। अधिकारी ने कहा ‘मंत्रालय समन्वय में मदद करता है लेकिन यह आधिकारिक सरकारी दौरा नहीं है। यह पार्टी-टू-पार्टी (पार्टी-से-पार्टी) संपर्क है।’ उन्होंने कहा कि यह दौरा लगभग पांच दिनों का हो सकता है। प्रतिनिधिमंडल को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है लेकिन इसमें सात से ज्यादा सदस्य नहीं होने की उम्मीद है।

रबि लामिछाने इससे पहले नई दिल्ली का दौरा कर चुके हैं जहां उनका भव्य स्वागत किया गया था। नई दिल्ली में उनकी बीजेपी नेताओं के साथ साथ भारतीय गृहमंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात हुई थी। वहीं अब शी जिनपिंग भी अगर उनसे मुलाकात करते हैं तो पता चलता है कि भारत और चीन की रणनीति में नेपाल कितना मायने रखता है।
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