क्या आप जानते हैं कि भोजपुरी सिनेमा का पहला गाना कौन सा है? और उसे कैसे बनाया गया था? भोजपुरी सिनेमा की शुरुआत 63 साल पहले हुई थी और पहली जो फिल्म बनाई गई थी, उसका नाम ‘गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो’ था। फिल्म ने कमाई का इतिहास रच दिया था और कई रिकॉर्ड बनाए थे। इसे देखने लोग दूर-दूर से बैलगाड़ियों और ट्रैक्टर में भरकर पहुंच जाते थे। इसी फिल्म में भोजपुरी का पहना गाना था, जिसके बोल थे ‘गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो’। फिल्म में नजीर हुसैन, कुमकुम और आशिम कुमार लीड रोल में थे। फिल्म के गाने लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी ने गाए थे।
‘हे गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो’ भोजपुरी सिनेमा का पहला गाना था, और इसे लता मंगेशकर ने बहन ऊषा मंगेशकर के साथ मिलकर गाया था। पर इसे गाने के लिए देश के तत्कालीन और पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने ही स्वर कोकिला को मनाया था। राजेंद्र प्रसाद ने साल 1950 में देश के पहले राष्ट्रपति के तौर पर कार्यभार संभाला था। उस दौर में नजीर हुसैन देश के टॉप कलाकारों में शुमार थे।
भोजपुरी सिनेमा की ऐसे हुई शुरुआत, फिर बना पहला भोजपुरी गाना
एक बार जब राजेंद्र प्रसाद से नजीर हुसैन का मिलना हुआ, तो तभी भोजपुरी सिनेमा की बात चली। अविजीत घोष की किताब ‘सिनेमा भोजपुरी’ के मुताबिक, राजेंद्र प्रसाद बिहार में पैदा हुए थे। जब राजेंद्र प्रसाद को यह बात चली तो उन्होंने भोजपुरी में बात शुरू कर दी और एक्टर से भोजपुरी में फिल्म बनाने को कहा। फिर 1963 में नजीर हुसैन ने ‘गंगा मैया तोहे प्यारी चढ़ईबो’ नाम से भोजपुरी फिल्म बनाई। यह देश की पहली भोजपुरी फिल्म थी और इसी के साथ भोजपुरी सिनेमा की शुरुआत हुई। इसी में इसका टाइटल ट्रैक फिल्माया गया, जो पहला भोजपुरी गाना था।
राजेंद्र प्रसाद चाहते थे लता मंगेशकर गाएं, नहीं टाल सकीं बात
अब बारी थी कि गाना किससे गवाया जाए, मतलब कौन इसे गाए। तो उस दौर में लता मंगेशकर का खूब बोलबाला था। जिस भी फिल्म में लता जी का गाना होता, उसे हिट होने की गारंटी माना जाता था। राजेंद्र प्रसाद भी चाहते थे कि भोजपुरी की पहली फिल्म और पहला भोजपुरी गाना है, तो उसे आवाज लता मंगेशकर ही दें। राजेद्र प्रसाद ने फिर लता मंगेशकर से इसका अनुरोध किया। वह उनकी बात टाल नहीं सकीं और अपनी आवाज में ‘गंगा मैया तोहे प्यारी चढ़ईबो’ गाना रिकॉर्ड किया। इसमें बहन ऊषा मंगेशकर की भी आवाज रही।
सुपरहिट रहा गाना, फिल्म ने मनाई सिल्वर और गोल्डन जुबली
गाना सुपरहिट रहा और साथ ही फिल्म भी। पांच लाख रुपये में बनी ‘गंगा मैया तोहे प्यारी चढ़ईबो’ ने तब जहां वाराणसी और पटना जैसे शहरों में गोल्डन जुबली मनाई तो वहीं, कोलकाता में सिल्वर जुबली रही। फिल्म के गाने और म्यूजिक भी खूब पसंद किया गया और लोगों के दिलों-दिमाग पर छा गया। यही वो फिल्म थी, जिसके कारण लता और ऊषा मंगेशकर के साथ-साथ मोहम्मद रफी और शैलेंद्र को छोटे-छोटे गांवों और कस्बों के लोग भी खूब पहचानने लगे थे।