स्मृति-हरमनप्रीत के साथ रोहित-विराट वाली परेशानी, बढ़ा मैनेजमेंट का सिरदर्द, 4 साल पहले भी यही हुआ था

नई दिल्ली: भारतीय महिला टीम को पहली बार विश्व चैंपियन बनाने वाली कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट में भारत की कप्तानी छोड़ दी है। वह अब सिर्फ एक खिलाड़ी के रूप में खेलती नजर आएंगी। हरमनक के कप्तानी छोड़ने के कुछ घंटे बाद ही बीसीसीआई ने स्मृति मंधाना को तीनों फॉर्मेट में भारत की कप्तान बना दिया। इसके बाद खबरें आ रही हैं कि दोनों खिलाड़ियों के बीच सब ठीक नहीं है।

भारतीय क्रिकेट में यह पहला मौका नहीं है, जब कप्तानी में बदलाव के कारण दो दिग्गज खिलाड़ियों के बीच अनबन की खबरें सामने आई हों। इससे पहले रोहित शर्मा और विराट कोहली के मामले में भी ऐसा ही हुआ था। विराट वर्कलोड से परेशान थे और अपना बोझ कम करने के लिए संन्यास लिया। ऐसे में उनकी जगह रोहित को जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद कई खबरें आईं कि रोहित और विराट के बीच विवाद है। हालांकि, दोनों के रिश्ते तब भी अच्छे थे और अब दोनों खिलाड़ी अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर हैं और दोनों अब भी अच्छे दोस्त हैं।

4 साल पहले भी ऐसा ही हुआ था

भारत की महिला क्रिकेट टीम में भी कप्तान बदलने पर अफवाहों का बाजार हमेशा गर्म रहता है। 4 साल पहले जब मिताली राज की जगह हरमनप्रीत कौर को कप्तान बनाया गया था। इस समय भी दोनों खिलाड़ियों के बीच अनबन की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, कुछ समय बाद ही मिताली राज ने संन्यास ले लिया। 37 साल की हरमनप्रीत कौर अभी 2-3 साल तक और खेलना चाहती हैं। ऐसे में बतौर बल्लेबाज बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

खराब फॉर्म हो सकती है वजह

हरमनप्रीत कौर ने खुद ही कप्तानी छोड़ी है। इसके बाद बीसीसीआई ने मंधाना को कप्तान बनाया है। हालांकि, इससे पहले हुई बीसीसीआई की मीटिंग में मंधाना मौजूद थीं। इस आधार पर कहा जा सकता है कि बोर्ड ने हरमनप्रीत कौर को कप्तानी छोड़ने के लिए मजबूर किया। हालांकि, इससे पूर्व और नए कप्तान के बीच विवाद की कोई पुष्टि नहीं होती। ज्यादा संभावना इस बात की है कि हरमनप्रीत के खराब फॉर्म के कारण उन्हें कप्तानी छोड़ने के लिए कहा गया है और अगर अगली 1-2 सीरीज में उनके बल्ले से रन नहीं निकले तो उन्हें टीम से बाहर किया जा सकता है। हालांकि, अब हरमन के पास खुद पर काम करने के लिए ज्यादा समय होगा और वह बल्लेबाज के रूप में अपनी कमियों पर काम कर सकती हैं।

मैनेजमेंट का सिरदर्द बढ़ा

दो बड़े खिलाड़ियों के बीच अनबन की खबरें आने पर मैनेजमेंट की परेशानी बढ़ जाती है। कोच और सेलेक्टर के हर फैसले को इसी आधार पर देखा जाता है कि बोर्ड किसका साथ दे रहा है। इससे मैनेजमेंट को हर फैसला बहुत सोच समझकर लेना पड़ता है। इसके साथ ही दोनों खिलाड़ियों के बीच सब ठीक है। इसके सबूत तक देने पड़ जाते हैं।

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