नईदुनिया। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले (Ram Mandir Donation Theft Case) को लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) की प्रतिक्रिया सामने आई है। भोपाल में उन्होंने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे लाखों-करोड़ों राम भक्तों की आस्था को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि यह घटना मंदिरों, संतों और प्राचीन सनातन परंपराओं से जुड़े लोगों की भावनाओं को आहत करने वाली है।
दोषियों को मिले कड़ी सजा
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान राम के मंदिर से जुड़े रहते हुए ऐसा कृत्य करने वालों को कड़ी सजा भुगतनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का चढ़ावा चोरी करना केवल अपराध नहीं बल्कि सनातन परंपरा को नुकसान पहुंचाने वाला कार्य है। उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह रावण द्वारा माता जानकी का हरण करने के बाद उसका सर्वनाश हुआ, उसी तरह दोषियों को भी महादंड मिलेगा।
"राम मंदिर में किए गए कार्यों से लाखों-करोड़ों राम भक्तों की आस्था को ठेस पहुंची है। इस घटना ने मंदिरों और संतों में लोगों की आस्था को प्रभावित किया है और धार्मिक एवं प्राचीन सनातन परंपराओं से जुड़े लोगों को आहत किया है। इस कृत्य से सनातन धर्म को क्षति पहुंची है। हम पहले ही कह चुके हैं कि भगवान राम के मंदिर से जुड़े रहते हुए ऐसा कृत्य करने वालों को कड़ी सजा भुगतनी पड़ेगी…"
-धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री
संत परंपरा को मिले मंदिर सेवा की जिम्मेदारी
बाबा बागेश्वर ने यह भी कहा कि राम मंदिर सेवा का कामकाज संत परंपरा से जुड़े लोगों को सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर की व्यवस्थाओं में ऐसे लोगों की भूमिका होनी चाहिए जो धार्मिक परंपराओं और आस्था को समझते हों।
इंडोनेशिया का दिया उदाहरण
धीरेंद्र शास्त्री ने भारत के मुसलमानों को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने इंडोनेशिया का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पांच समय नमाज पढ़ी जाती है, लेकिन वहां सभी परंपराओं का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि बाली में हिंदू बहुल लोग रहते हैं, जहां हिंदू अपने नववर्ष पर 24 घंटे निर्जला व्रत और मौन व्रत करते हैं। उन्होंने कहा कि वहां के मुसलमान भी हिंदू परंपराओं का सम्मान करते हैं।
मामले में आठ गिरफ्तारियां, जांच जारी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत दो लोगों के इस्तीफे की बात सामने आई है। चंपत राय ने अयोध्या पुलिस को दिए पहले बयान में चढ़ावा चोरी मामले में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है। मामले की जांच लगातार जारी है।