नई दिल्ली: सोने और चांदी की तस्करी में हाल में काफी तेजी देखने को मिली है। सरकार ने 12 मई को सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी की थी। इसे 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया था। ईरान युद्ध के बीच विदेशी मुद्रा की बचत के लिए सरकार ने यह कदम उठाया था। चीन के बाद भारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। भारत ज्यादातर सोना आयात करता है। इसका आयात मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करने के लिए किया जाता है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में भारत ने $72 अरब का सोना और $12 अरब की चांदी आयात की थी।
तस्करी के मामले
सरकार के मुताबिक 1 अप्रैल से 12 मई तक देश में सोने की तस्करी के 165 मामले पकड़े गए थे। इस दौरान 86.16 टन सोना बरामद किया गया और 67 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस तरह 1 अप्रैल से 12 मई की अवधि की तुलना में 13 मई से 30 जून के बीच पकड़ी गए सोने की खेप में 186 फीसदी तेजी आई है।चांदी के मामले में 13 मई से 30 जून के बीच तस्करी के 16 मामले पकड़े गए। इस दौरान 535.92 टन चांदी बरामद की गई जो 1 अप्रैल से 12 मई की अवधि (49.53 टन) की तुलना में 10 गुना से भी ज्यादा है। हालांकि इस दौरान केवल दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। 2024-25 की तुलना में 2025-26 में सोने और चांदी की तस्करी में काफी कमी आई थी।
कहां से होती है तस्करी?
सरकार ने साल 2024 में सोने की तस्करी रोकने के लिए इंपोर्ट ड्यूटी कम की थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करने के दौरान सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% कर दी थी। लेकिन मई में इंपोर्ट बढ़ने से तस्करी बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी। भारत आने वाले सोने की सबसे ज्यादा तस्करी दुबई, थाईलैंड, सिंगापुर, बैंकॉक, खाड़ी देश, अफ्रीकी देश आदि से होती है। इन देशों में सोना सस्ता होता है।