नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की एयरलाइन एयर इंडिया का बढ़ता घाटा सिंगापुर के लिए भी सिरदर्द बन गया है। इसकी गूंज सिंगापुर की संसद तक पहुंच सकती है। एयर इंडिया में टाटा ग्रुप की 75 फीसदी हिस्सेदारी है जबकि बाकी स्टेक सिंगापुर एयरलाइंस के पास है। पिछले साल एयर इंडिया का घाटा 22,238 करोड़ रुपये रहा था। इस बीच खबर आई है कि कंपनी ने अपनी स्थिति सुधारने के लिए अपने स्टेकहोल्डर्स से $1.5 बिलियन के बेलआउट की मांग की है।
ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक सिंगापुर में विपक्षी वर्कर्स पार्टी के सांसद केनेथ टियोंग बून कियाट ने एयर इंडिया में निवेश पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सिंगापुर एयरलाइंस के जरिए एयर इंडिया को सपोर्ट करने के लिए टेमासेक फंड के किसी भी भविष्य के इस्तेमाल का विरोध किया। टेमासेक होल्डिंग्स सिंगापुर सरकार के मालिकाना हक वाली मल्टीनेशनल इन्वेस्टमेंट फर्म है। यह सिंगापुर एयरलाइंस में सबसे बड़ी शेयरहोल्डर है।
निवेश पर सवाल
टियोंग ने सिंगापुर के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर जेफरी सियो को लिखे एक पत्र में पूछा कि क्या एयर इंडिया के घाटे का आकलन सिंगापुर एयरलाइंस की जरूरी ट्रांसपोर्ट सर्विस देने की क्षमता के आधार पर किया गया है और क्या इससे सिविल एविएशन अथॉरिटी ऑफ सिंगापुर एक्ट के तहत SIA के तय स्टेटस से जुड़ी नोटिफिकेशन की जिम्मेदारी लागू होती है। उन्होंने 8 सितंबर के संसदीय सत्र में इसका मौखिक जवाब मांगा।
उन्होंने कहा, "यह सिर्फ प्राइवेट शेयरहोल्डर्स के लिए सवाल नहीं है। दोनों में से जो भी चेक लिखेगा, उसका टेमासेक पर बड़ा असर पड़ेगा। खासकर सिंगापुर के लोगों पर एयर इंडिया को चलाने की जिम्मेदारी नहीं है। मैं सिंगापुर एयरलाइंस के जरिए एयर इंडिया को सपोर्ट देने के लिए टेमासेक के फंड के किसी भी भविष्य के इस्तेमाल का समर्थन या उम्मीद नहीं करूंगा। अगर सिंगापुर एयरलाइंस एयर इंडिया पर अपना दांव जारी रखना चाहती है, तो उसे अपने दम पर ऐसा करना चाहिए, न कि टेमासेक के दम पर।"
एयर इंडिया और सिंगापुर एयरलाइंस की जुगलबंदी
- 2013 में टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस ने विस्तारा लॉन्च की
- इसमें टाटा संस की 51% और SIA की 49 फीसदी हिस्सेदारी थी
- 2022 में टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया का कंट्रोल अपने हाथ में लिया
- टाटा और SIA विस्तारा को एयर इंडिया में मिलाने पर सहमत हुए
- 2025 में दोनों ने एयर इंडिया में 9,558 करोड़ रुपये का निवेश किया
सिंगापुर एयरलाइंस का निवेश
टेमासेक ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। SIA और एयर इंडिया ने सवालों का जवाब नहीं दिया। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक एयर इंडिया ने टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस से लगभग 1.5 बिलियन डॉलर की नई इक्विटी मांगी है। सिंगापुर एयरलाइंस ने एयर इंडिया में अब तक कुल 772 मिलियन डॉलर का निवेश किया है।