गुड्स का एक्सपोर्ट पहली बार पहुंच सकता है 500 अरब के पार,

नई दिल्ली: एक्सपोर्ट के मोर्चे पर अच्छी खबर है। भारत से गुड्स का एक्सपोर्ट इस फाइनेंशियल ईयर में $200 बिलियन पहुंच गया है। 21 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक इसमें 15% से ज्यादा तेजी आई है। सरकार को उम्मीद है कि इस फाइनेंशियल ईयर में देश से गुड्स का एक्सपोर्ट पहली बार $500 बिलियन के स्तर को पार कर सकता है। डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत कम होने से भी एक्सपोर्ट में फायदा मिला है क्योंकि इससे भारतीय सामान दूसरे देशों के सामान के मुकाबले ज्यादा कॉम्पिटिटिव हो गया है।

टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि अगस्त के तीसरे हफ्ते में एक्सपोर्ट $25 बिलियन से ज्यादा रहने का अनुमान है। कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने गुड्स और सर्विसेज का एक्सपोर्ट $1 ट्रिलियन तक पहुंचाने का बड़ा लक्ष्य रखा है।

पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट

एक्सपोर्ट में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की अहम भूमिका रही है। इसके अलावा, मोबाइल फोन के जबरदस्त एक्सपोर्ट की वजह से इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर में तेजी आई है। साथ ही, इंजीनियरिंग जैसे सेक्टर ने भी ग्रोथ को बढ़ावा दिया है। हालांकि टेक्सटाइल जैसे कुछ पारंपरिक सेक्टर पर दबाव बना हुआ है।

अप्रैल-जुलाई के दौरान चीन, साउथ-ईस्ट एशिया और अफ्रीका के देशों को होने वाले एक्सपोर्ट में काफी तेजी आई। EEPC इंडिया के हालिया डेटा के अनुसार जुलाई में इंजीनियरिंग सामान का एक्सपोर्ट 18% बढ़कर $12.2 बिलियन हो गया। सऊदी अरब, थाईलैंड और तुर्की जैसे कुछ देशों को छोड़कर लगभग सभी देशों को इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट बढ़ा है।

आयात का हाल

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर सऊदी अरब को होने वाले एक्सपोर्ट पर पड़ा है। हालांकि, इंपोर्ट के मामले में तेल और फर्टिलाइजर की ज्यादा कीमतों की वजह से कुछ दबाव है। इसी तरह सोने की ऊंची कीमतों ने भी दबाव बनाया है। भारत सोने का दूसरा बड़ा उपभोक्ता है और अपनी जरूरत का करीब 90 फीसदी सोना आयात करता है।

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