‘अपनी स्टारडम की वजह से बंध गए थे अमिताभ बच्चन, एक एक्टर के रूप में मैंने बहुत काम किया, बोले जावेद जाफरी

बॉलीवुड एक्टर जावेद जाफरी का मानना है कि कई बार बड़ी सफलता ही कलाकारों के लिए रुकावट बन जाती है। उनका कहना है कि जब कोई एक्टर लगातार हिट फिल्में देने लगता है तो निर्माता-निर्देशक उसे उसी तरह के किरदारों में देखना चाहते हैं। इसी वजह से कलाकार अपनी पसंद के नए और अलग रोल नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि अमिताभ बच्चन जैसे बड़े स्टार भी एक समय इस स्थिति से गुजरे थे।

HT City से बातचीत में 63 वर्षीय जावेद जाफरी ने अपने 40 साल से ज्यादा लंबे फिल्मी सफर और इंडस्ट्री में आए बदलावों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि एक दौर में अमिताभ बच्चन से बड़ा कोई नहीं था, लेकिन व्यावसायिक दबावों के कारण वे हर तरह के लीक से हटकर प्रयोग करने में सीमित हो गए थे। उन्होंने कहा कि आज के युवा कलाकार मेहनती, अनुशासित और अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर हैं, लेकिन उनमें धैर्य की कमी देखने को मिलती है। उनके मुताबिक, आज की पीढ़ी जल्दी सफलता चाहती है और कई बार चीजों के साथ तालमेल बैठाने में जल्दबाजी करती है। हालांकि हर पीढ़ी का अपना अलग काम करने का तरीका होता है।

‘मुझे लगता है कि युवा पीढ़ी जल्दबाजी में है’

उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि युवा पीढ़ी जल्दबाजी में है और ज्यादा तालमेल नहीं बिठा पाती। अच्छी बात यह है कि वे प्रफेशनल हैं, बहुत गंभीर हैं और अपने लक्ष्य पर पूरी तरह केंद्रित हैं। तो हां, ये खूबियां और कमियां दोनों हैं।’

अपने करियर में हर तरह के किरदार निभाने का मौका

जावेद ने कहा कि उन्हें अपने करियर में हर तरह के किरदार निभाने का मौका मिला। उन्होंने विलन, कॉमेडी और गंभीर फिल्मों में भी काम किया। लेकिन उन्होंने माना कि जो किरदार दर्शकों को पसंद आ जाता है, फिल्म निर्माता उसी तरह के रोल बार-बार ऑफर करने लगते हैं। यही वजह है कि कलाकार एक दायरे में बंध जाते हैं।

अब मिताभ बच्चन अपनी पसंद के अलग-अलग किरदार निभा पा रहे हैं

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक समय ऐसा भी था जब अमिताभ बच्चन जैसे सुपरस्टार भी अपनी छवि से बाहर निकलकर अलग तरह के किरदार नहीं कर पा रहे थे। कमर्शियल सक्सेस की वजह से उनसे वही भूमिकाएं कराई जाती थीं जो बॉक्स ऑफिस पर चलती थीं। जावेद का मानना है कि अब अमिताभ बच्चन अपनी पसंद के अलग-अलग किरदार निभा पा रहे हैं।

‘एक दौर ऐसा था जब बच्चन से बड़ा कोई नहीं था’

उन्होंने कहा कि बॉलीवुड के सबसे बड़े सुपरस्टार भी कभी प्रफेशन में उम्मीदों से बंधे हुए थे। जावेद ने कहा, ‘एक दौर ऐसा था जब बच्चन से बड़ा कोई नहीं था। एक दौर ऐसा था जब वे कुछ अलग नहीं कर सकते थे क्योंकि वो चलता ही नहीं था। फिर से, वो सीमित हो गए क्योंकि व्यावसायिक पहलू उन्हें आगे बढ़ने नहीं देते थे। अब वो अलग-अलग तरह के रोल कर रहे हैं जो एक एक्टर के रूप में वो करना चाहते थे। व्यावसायिक पहलुओं ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया।’

‘एक एक्टर के रूप में, मैंने बहुत काम किया’

जावेद जाफरी ने कहा कि उन्होंने अपने करियर में खुद को एक ही तरह के काम तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने फिल्मों के बीच एक गैप भी रखा ताकि दर्शकों के सामने उनकी अलग पहचान बनी रहे। उनका कहना है कि आज भी उन्हें लगता है कि एक एक्टर के तौर पर उनमें बहुत कुछ करने की क्षमता बाकी है। उन्होंने कहा, ‘एक एक्टर के रूप में, मैंने बहुत काम किया है। लेकिन आपको खुद को गैप देना पड़ता है। जिस पल आप खुद को एक ही तरह के काम में डुबो देते हैं, तो यह एक समस्या बन जाती है क्योंकि अगर आपने सब कुछ कर लिया है। लेकिन भगवान की कृपा से, मैंने इसे सही ढंग से संभाला। मैंने विलन की भूमिका निभाई है, मैंने सनकी किरदारों को निभाया है, गंभीर फिल्में भी की हैं। फिर भी मुझे लगता है कि मुझमें अभी बहुत कुछ बाकी है।’

सिर्फ टैलेंट ही सफलता की गारंटी नहीं होती

उन्होंने यह भी बताया कि वह 1990 के दशक के बड़े स्टार क्यों नहीं बन पाए। जावेद के मुताबिक, सिर्फ टैलेंट ही सफलता की गारंटी नहीं होती। किसी कलाकार का प्रजेंटेशन, पीआर और इंडस्ट्री की राजनीति भी उसके करियर पर असर डालती है। उन्होंने माना कि वह इन मामलों में ज्यादा एक्टिव नहीं रहे और किसी बड़े फिल्मी ग्रुप का हिस्सा भी नहीं थे।

‘मैंने प्यार किया आई और फिर सब उनके पीछे भागने लगे’

सलमान खान का उदाहरण देते हुए जावेद ने कहा कि सफलता सब कुछ बदल देती है। उन्होंने सलमान खान की सफलता पर बातें करते हुए कहा,’वो बीवी हो तो ऐसी (1988) में दिखे और लोगों ने उन्हें नकार दिया। फिर मैंने प्यार किया (1989) आई और फिर सब उनके पीछे भागने लगे। ये वही सलमान खान हैं! ऐसा नहीं है कि वो बीवी हो तो ऐसी में जो कर रहे थे उससे कुछ अलग कर रहे थे। बस सफलता ही सब कुछ है। और फिर, ज़ाहिर है, आप उसके साथ आगे बढ़ते हैं। उस नजरिए से मुझे कभी इतनी बड़ी हिट नहीं मिली।’

चार दशकों से फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा

जावेद जाफरी पिछले चार दशक से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। मशहूर कॉमेडियन जगदीप के बेटे जावेद ने 1985 में फिल्म ‘मेरी जंग’ से एक्टिंग की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने कॉमेडी, ड्रामा और नेगेटिव रोल में अपनी अलग पहचान बनाई।

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