सिवनी। किन्नर समाज के दो पक्षों के बीच इलाके के बंटवारे और नेग वसूली का विवाद रविवार को उग्र हो गया। स्थानीय और बाहरी (नागपुर) किन्नरों के बीच हुई मारपीट में 8 किन्नर घायल हो गए हैं। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर प्रकरण को जांच में लिया है।
पलारी स्थित एक विशेष जगह सहित भोमा, कान्हीवाड़ा, केवलारी और बरघाट जैसे क्षेत्रों में नेग मांगने के अधिकार को लेकर दोनों पक्षों में ठन गई है। दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई, जिसमें लगभग 8 लोगों को सामान्य चोटें आई हैं
टिग्गा मोहल्ला निवासी गुरु कशिश (बबली) किन्नर ने कोतवाली थाने पहुंचकर शनिवार को भी शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार स्थानीय किन्नर कशिश पक्ष का आरोप है कि सिवनी शहर और आसपास के क्षेत्रों में पीढ़ियों से उनके गुरुओं का पारंपरिक अधिकार रहा है।
दूसरे राज्य से वसूली के लिए यहां आए
जबकि महाराष्ट्र (नागपुर) और अन्य राज्यों से आए किन्नर यहां जबरन नेग वसूल रहे हैं और गैर-कानूनी तरीके से अपनी नई ‘गद्दी’ स्थापित करना चाहते हैं। जब स्थानीय किन्नरों ने बाहरी पक्ष को अपने इलाके में आने से रोका, तो नागपुर निवासी बेबी किन्नर और उसकी चेली मुस्कान सहित अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की गई है।
एसडीओपी चंचलेश मरकाम ने बताया कि किन्नरों के बीच मारपीट और इलाका कब्जाने, गद्दीदार बनाने के आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किन्नरों के क्षेत्रों का बंटवारा उनके गुरुओं द्वारा किया जाता है, इसमें प्रशासन का दखल नहीं होता। हालांकि, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस मुस्तैद है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।