ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में तैनात एक पुलिस अधिकारी का शेख हसीना को लेकर ऑडियो सामने आने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अधिकारी को तैनाती से हटा दिया गया है। अधिकारी की पहचान मोहम्मद रकीबुल हसन के रूप में की गई है, जो राजधानी के कैंटोनमेंट पुलिस स्टेशन के इंचार्ज (OC) के रूप में तैनात थे। कथित तौर हसन का एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें गया गया था कि अगर शेख हसीना बांग्लादेश लौटती हैं तो पुलिस कुछ नहीं कर पाएगी।
बांग्लादेश के प्रमुख अखबार प्रथम आलो की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस सूत्रों का कहना है कि ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज की पहचान रकाबुल हसन के तौर पर की गई थी। हालांकि, गुरुवार को ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने उन्हें हटाने का आदेश जारी किया तो उसकी वजह प्रशासनिक बताई। हसन को DMP हेडक्वार्टर और प्रशासनिक विभाग के सेंट्रल रिजर्व ऑफिस से जोड़ दिया गया है।
ऑडियो में अधिकारी ने क्या कहा?
बुधवार रात सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें खुद को ऑफिसर इंचार्ज बताने वाला एक शख्स सरकार, प्रशासन, सेना और पुलिस की आलोचना कर रहा था। ऑडियो में शख्स को कहते हुए सुना जा सकता है कि शेख हसीना को बांग्लादेश आना चाहिए। अगर वह आती हैं तो यह पुलिस फोर्स कुछ नहीं कर पाएगी। वह पुलिस अधिकारियों पर राजनीतिक संबंध रखने और नियुक्ति के लिए पैसे के लेन-देन का भी आरोप लगाता है।
अधिकारियों की BNP से मिलीभगत
इसके बाद उसने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर बीएनपी का समर्थन करने का आरोप लगाया। उसने कहा, "सभी सीनियर BNP का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन हम BNP का समर्थन नहीं कर रहे हैं। हमने इस काम के लिए डिपार्टमेंट जॉइन नहीं किया था। आप खाएंगे-पिएंगे और मजे करेंगे, जबकि हम यहां बैठकर सारा काम करेंगे, ऐसा नहीं हो सकता।"
हसीना के कार्यकाल की तारीफ
ऑडियो में अवामी लीग के दौरान नियुक्तियों की तारीफ की गई है। वह कहता है कि अवामी लीग से जुड़े कमिश्नरों ने OC की पोस्टिंग के लिए पैसे नहीं लिए। उसने पूर्व इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस और DMP कमिश्नन बेनजीर अहमद का जिक्र किया और कहा कि उनके कार्यकाल में कभी भी पैसे के बदले OC का तबादला नहीं किया गया।