रायपुर। सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व चमत्कारी जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी , भैरव सोसायटी में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर मूलनायक सीमंधर स्वामी व आदिनाथ भगवान का इक्षुरस से स्नात्र महोत्सव मनाया जाएगा।
अक्षय तृतीया के दिन प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का प्रवज्या ग्रहण करने के बाद लगातार 400 दिनों के उपवास का पारणा श्रेयांस कुमार के हाथों इक्षुरस से ही हुआ था। सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद व महासचिव महेन्द्र कोचर ने बताया कि तीर्थंकर परमात्मा को भी अपने पूर्व कर्मों के उदय में आने के कारण 400 दिनों तक गोचरी में अन्न नही मिल सका था। पूरी घटना हमें जीवदया की प्रेरणा देती है।
इस प्रत्यर्थ आज श्रावक श्राविकाओं ने मूक पशुओं को चारा , भोज्य पदार्थ की जीवदया करने का संकल्प लिया है। प्रभु मुनिसुव्रत स्वामी जैन मंदिर व मणिधारी दादाबाड़ी , नवकार नगर द्वारा सीमधर स्वामी जैन मंदिर दादाबाड़ी ट्रस्ट की मंदिर की ईंट को निमंत्रण के प्रतीक स्वरूप देकर कल पत्रिका लेखन में आने का भाव भरा आग्रह किया अतः आज भैरव सोसाइटी में अध्यक्ष सन्तोष बैद व ट्रस्टीयों एवं भक्तगणों ने प्रातः 10 बजे शिला का अष्टप्रकारी पूजन कर नवकार नगर में स्थापित किया।