‘दिमाग बोटॉक्‍स के कारण अकड़ गया है’, रोहित रॉय की थू-थू! TV को ‘डस्‍टबिन’ कहने पर भड़के देवोलीना और नमन शॉ

‘स्वाभिमान’ और ‘देश में निकला होगा चांद’ जैसे टीवी शोज से मशहूर हुए एक्टर रोहित रॉय बुरे फंस गए हैं। उन्‍होंने एक हालिया इंटरव्‍यू में टेलिवीजन इंडस्‍ट्री को ‘कूड़ेदान’ कह दिया। यही नहीं, टीवी एक्टर्स के बर्ताव को नीचा दिखाया। अब उनके बयान पर बवाल मच गया है। ‘साथ निभाना साथिया’ फेम देवोलीना भट्टाचार्जी और ‘मंगल लक्षमी’ शो के फेम नमन शॉ ने रोहित की जमकर आलोचना की है। देवोलीना ने कहा कि रोहित जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं। जबकि नमन ने एक कदम आगे बढ़ते हुए कहा- बहुत ज्यादा बोटॉक्स से उनका दिमाग अकड़ गया है।

रोहित रॉय मशहूर एक्‍टर रोनित रॉय के भाई हैं। 41 साल की देवोलीना ने इस पर भी तंज कसा। कहा कि रोहित को इंडस्‍ट्री में अध‍िकतर लोग उनके भाई की वजह से ही जानते हैं। जबकि नमन शॉ ने दो टूक शब्‍दों में रोहित के बयान को ‘दोगलापन’ बताया।


‘उसी हाथ को काटते हैं जिसने उन्हें खिलाया-पिलाया’

टीवी की गोपी बहू देवोलीना ने IANS से कहा, ‘लोगों की अजीब आदत होती है कि वे उसी हाथ को काटते हैं जिसने उन्हें खिलाया-पिलाया हो, उसी थाली में छेद करते हैं जिसमें वे खाते हैं, और उनकी बातें बिल्कुल वैसी ही लगती हैं।’ देवोलीना का कहना है कि रोहित के भाई रोनित रॉय टेलीविजन पर अपने काम की वजह से जाने जाते हैं। ‘फिल्मों को तो छोड़ ही दीजिए, सच कहूं तो मुझे यह भी याद नहीं कि वह किस टीवी सीरीज में थे। सच कहूं तो, ज्यादातर लोग उन्हें सिर्फ रोनित रॉय के भाई के तौर पर जानते हैं।’ उन्होंने कहा कि रोनित का भाई होना ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है। ‘रोनित, जिन्होंने टीवी से ही लोकप्रियता हासिल की। मुझे लगता है कि यही उनकी सबसे बड़ी पहचान है। मुझे तो यह भी नहीं पता कि रोहित का अपना कितना बड़ा योगदान रहा है।’


टीवी इतना बुरा था तो इतने सालों तक हिस्सा क्यों रहे?

देवोलीना ने रोहित के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘अगर टीवी इतना ही बुरा था, तो उन्होंने इतने सालों तक इसका हिस्सा बनने का फैसला क्यों किया? और अब वह उसी माध्यम को डस्टबिन कह रहे हैं। साथ ही, मुझे लगता है कि उनकी टिप्पणी परोक्ष रूप से उन सभी बॉलीवुड एक्टर्स पर है जो आजकल टीवी पर दिखाई देते हैं। आज हर बड़ा बॉलीवुड स्टार अपनी फिल्मों को प्रमोट करने, रियलिटी शो होस्ट करने और दर्शकों से जुड़े रहने के लिए टेलीविजन पर आता है। क्या वह यह कहना चाह रहे हैं कि वे सभी ‘डस्टबिन मीडियम’ में काम कर रहे हैं? यह बस उस इंडस्ट्री को नीचा दिखाकर ध्यान खींचने की एक हताश कोशिश लगती है जिसने उन्हें बनाया है।’


देवोलीना ने टेलीविजन को बताया अपना घर

कई हिट टीवी शो का हिस्सा रहीं देवोलीना अपने करियर का श्रेय टेलीविजन को देती हैं। देवोलीना ने कहा कि टेलीविजन उनके लिए सिर्फ एक माध्यम नहीं है। ‘यह मेरा घर है। इसने मुझे सब कुछ दिया है, काम, पहचान, सम्मान और करियर। आज मैं जो कुछ भी हूं, टेलीविजन की वजह से हूं इसका हिस्सा बनने पर मुझे हमेशा गर्व और आभार महसूस होगा।’


नमन शॉ बोले- ‘बहुत ज्यादा बोटोक्स ने उनके दिमाग को जमा दिया है’

‘मंगल लक्ष्मी’ में नजर आ चुके और टीवी के कई पॉपुलर शो का हिस्सा रहे एक्टर नमन शॉ ने रोहित रॉय के टीवी को ‘डस्टबिन मीडियम’ कहने पर उनकी आलोचना की है। रोहित रॉय की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए नमन ने कहा कि बहुत ज्यादा बोटोक्स उनके दिमाग तक पहुंच गया है और उसने उनके दिमाग को जमा दिया है। ‘मंगल लक्ष्मी’, ‘कसौटी जिंदगी की’, ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ और ‘कसम से’ जैसे पॉपुलर टीवी शो में काम कर चुके एक्टर ने IANS से कहा, ‘मुझे सच में लगता है कि शायद बहुत ज्यादा बोटोक्स उनके माथे की पहली परत से आगे बढ़कर सीधे उनके दिमाग तक पहुंच गया है और उससे उनका दिमाग अकड़ गया है।’


रोहित रॉय की बात को बताया ‘बहुत बड़ा दोगलापन’

नमन ने रोहित रॉय को जवाब देते हुए कहा, ‘टेलीविजन को डस्टबिन मीडियम कहना न सिर्फ गलत है, बल्कि यह बहुत बड़ा दोगलापन भी है, खासकर तब जब यही माध्यम लगभग दो दशकों से उनकी जिंदगी और कमाई का जरिया रहा हो। अगर टेलीविजन सच में इतना बुरा माध्यम था, तो उन्होंने पिछले 20 सालों तक इसका हिस्सा बने रहना क्यों चुना?’ नमन ने आगे कहा कि टेलीविजन ने ही रोहित के भाई रोनित रॉय को दूसरा मौका दिया था। ‘हमें यह भी याद रखना चाहिए कि यही वह माध्यम था जिसने उनके भाई, रोनित दादा को वापसी का मौका दिया था।’ उन्होंने लिखा, ‘टेलीविजन ने अनगिनत एक्टर्स, टेक्नीशियन्स, राइटर्स, डायरेक्टर्स और दूसरे प्रोफेशनल्स को मौके दिए हैं, जिन्होंने इसके जरिए अपना पूरा करियर बनाया है।’


‘टेलीविजन ने ही मेरा घर चलाया है’

टेलीविजन में अपने सफर के बारे में बात करते हुए नमन ने कहा, ‘मैं पिछले 20 सालों से टेलीविजन इंडस्ट्री का हिस्सा रहा हूं, और मैं यह बात बहुत गर्व के साथ कहता हूं, टेलीविजन ने ही मेरा घर चलाया है। इसने मुझे काम, पहचान, मौके और करियर दिया है। इसलिए जब कोई इस पूरे मीडियम को ‘डस्टबिन’ कहता है, तो मुझे बुरा लगता है।’ हालांकि, नमन ने यह भी माना कि हर इंडस्ट्री की तरह, टेलीविजन इंडस्ट्री में भी कुछ ऐसे लोग हैं जो अटेंशन पाने के लिए गलत व्यवहार करते हैं। ‘मैं पूरी तरह सहमत हूं कि इंडस्ट्री में कुछ ऐसे लोग हैं जिनका व्यवहार हमेशा सही नहीं होता। कुछ लोग जानबूझकर विवाद खड़ा करते हैं, अजीब तरह से व्यवहार करते हैं या खबरों में बने रहने के लिए पैपराजी का ध्यान खींचते हैं।’


‘कुछ लोगों की वजह से पूरी इंडस्ट्री को दोष न दें’

नमन ने आगे कहा कि ऐसे लोग भी हैं जो शायद उस गरिमा या प्रोफेशनलिज्म को नहीं दिखाते जो हममें से कई लोग इस इंडस्ट्री से जोड़कर देखते हैं। उन्होंने कहा,’लेकिन वे कुछ खास लोग हैं। अगर आपको कुछ लोगों से दिक्कत है, तो उनके बारे में खुलकर बोलें। उनके नाम लें। उनके व्यवहार की आलोचना करें। लेकिन कुछ लोगों की पसंद के लिए पूरी इंडस्ट्री को दोष न दें।’


राखी सावंत का दिया उदाहरण

नमन ने राखी सावंत का उदाहरण दिया और बताया कि कैसे वो दो दशक बाद भी इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाए हुए हैं। नमन ने कहा, ‘उदाहरण के लिए राखी सावंत को ही ले लीजिए। राखी हमेशा से एक एंटरटेनर रही हैं। उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है और उन्हें अच्छी तरह पता है कि उनके लिए क्या काम करता है। वह ऐसा कुछ होने का दावा नहीं करतीं जो वह नहीं हैं। लोगों का मनोरंजन करने का उनका अपना तरीका है, और आप उससे सहमत हों या न हों, वह लगभग 20 सालों से इस इंडस्ट्री में टिकी हुई हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘उन्हें पता है कि वे किस तरह का ध्यान खींचती हैं। और, आखिरकार, उन्हें यह भी पता है कि उन्हें काम करना है और अपनी जीविका चलानी है। अगर वे वैसा व्यवहार न करतीं जैसा वे करती हैं, तो शायद लोग उन्हें उसी तरह पसंद न करते। यह उनकी पसंद और उनकी रणनीति है। हो सकता है कि आपको यह पसंद न आए, लेकिन इससे टेलीविजन ‘डस्टबिन मीडियम’ नहीं बन जाता।’


हर इंडस्ट्री में अच्छे-बुरे लोग होते हैं

नमन ने कहा, ‘हर इंडस्ट्री में अच्छे लोग, विवादित लोग, प्रतिभाशाली लोग और ऐसे लोग होते हैं जो क्वेस्चनेबल फैसले लेते हैं। इससे पूरी इंडस्ट्री खराब नहीं हो जाती। इसलिए, टेलीविजन को कमतर या घटिया माध्यम बताने से पहले, लोगों को यह याद रखना चाहिए कि यह इंडस्ट्री कितने लोगों का पेट पालती है और इसने कितने करियर बनाए हैं।’ उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि उन्होंने टेलीविpन में 20 साल बिताए हैं। ‘इसने मुझे करियर दिया और मेरी जिंदगी बनाने में मदद की। जरूरी नहीं कि आप टेलीविजन को पसंद करें, लेकिन आपको कम से कम उस माध्यम का सम्मान करना चाहिए जिसने इतने सारे लोगों को आजीविका दी है। अगर जरूरी हो तो लोगों की आलोचना करें। लेकिन उनकी वजह से पूरी इंडस्ट्री का अपमान न करें।’

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