कोंडागांव के मैनपुर गांव में रविवार को आयोजित दशहरा मेले में हेलीकॉप्टर का मॉडल आकर्षण का केंद्र रहा। ग्रामीणों ने इसके जरिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगमन का प्रतीकात्मक दृश्य तैयार किया था। इसे देखने के लिए हजारों लोग पहुंचे।
ग्रामीणों ने करीब 1 महीने की मेहनत से हेलीकॉप्टर का मॉडल, आकर्षक झांकियां और रथ तैयार किए थे। मेले में कांकेर सांसद भोजराज नाग, बस्तर सांसद महेश कश्यप और केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम भी शामिल हुए।
उत्सव का समापन रावण दहन के साथ हुआ। वहीं, सांसद महेश कश्यप ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कलयुगी माओवादी राक्षस का अंत किया है। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि बस्तर दशहरा मेले में जनसैलाब उमड़ रहा है।
हेलीकॉप्टर और झांकियां देखने उमड़ी भीड़
मैनपुर के दशहरा मेले में ग्रामीण हर साल अपने हुनर और नए विचारों से कुछ अलग तैयार करते हैं। इस बार उन्होंने हेलीकॉप्टर का मॉडल बनाकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगमन का प्रतीकात्मक दृश्य दिखाया। इसके साथ ही आकर्षक झांकियां और रथ भी तैयार किए गए थे।
इन्हें देखने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मेले की खासियत है कि ग्रामीण हर साल झांकियों में कुछ नया दिखाने की कोशिश करते हैं। वे आसपास की घटनाओं और चर्चित लोगों को भी अपनी झांकियों में जगह देते हैं।
गांव वालों ने मिलकर बनाए मॉडल
ग्रामीणों के मुताबिक, मेले के लिए झांकियां और रथ तैयार करने में करीब एक महीने का समय लगा। गांव के लोगों ने मिलकर योजना बनाई, जरूरी सामान जुटाया और अपने हाथों से मॉडल तैयार किए।
किसी ने मॉडल बनाने की जिम्मेदारी संभाली, तो किसी ने सजावट का काम किया। ग्रामीणों ने बताया कि सभी के सहयोग से झांकियां तैयार हुईं।
सांसद और विधायक भी पहुंचे मेला देखने
मैनपुर के दशहरा मेले में कांकेर सांसद भोजराज नाग, बस्तर सांसद महेश कश्यप और केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम भी पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की ओर से तैयार झांकियां, रथ और हेलीकॉप्टर का मॉडल देखा। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों की मेहनत और रचनात्मकता की सराहना की।
रावण दहन के साथ उत्सव का समापन
दशहरा मेले में दिनभर लोगों की भीड़ रही। ग्रामीणों ने पारंपरिक उत्साह के साथ पर्व मनाया। हेलीकॉप्टर के मॉडल, झांकियों और रथों को देखने के लिए लोगों में खास उत्साह रहा। शाम को रावण दहन के साथ उत्सव का समापन हुआ।
छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े दुर्गोत्सव के समापन पर बिलासपुर में आकर्षक झांकियां निकाली गईं। इनमें जगन्नाथ स्वामी, खाटू श्याम का दरबार, लड्डू गोपाल, भगवान शिव की जटाओं से निकलती गंगा मैया और श्रवण कुमार की झांकियां शामिल थीं। भगवान शिव की बारात में ब्रह्मा, विष्णु और भूतों को भी नृत्य करते दिखाया गया।