नई दिल्ली: रेल के इंजन या Locomotive को तो आपने जरूर देखा होगा। इसमें ड्राइवर (Loco Pilot) के बैठने के लिए तो बेहतर इंतजामात हैं। केबिन को एयर कंडीशन की सुविधा से लैस किया जा रहा है। लेकिन अभी तक इन्हें यूरिनल की सुविधा नहीं मिली है। कुछ इंजनों में प्रयोग के रूप में शुरू हुआ है। लेकिन यह अपवाद है। लेकिन, प्राइवेट सेक्टर की रेल इंजन बनाने वाली एक कंपनी ने इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।
मधेपुरा कारखाना में होगी शुरुआत
लालू प्रसाद यादव जब रेल मंत्री हुआ करते थे, तब उन्होंने बिहार के मधेपुरा में एक रेल इंजन कारखाना लगाने की बजट घोषणा की थी। यह परियोजना जीमन पर उतर चुकी है। मधेवुरा में रेल मंत्रालय के साथ संयुक्त उपक्रम में Madhepura Electric Locomotive Private Limited (MELPL) की स्थापना हुई है। इसमें रेलवे की 26% की जबकि फ्रांसीसी कंपनी Alstom की 74% की हिस्सेदारी है। इसी कारखाने में अब यूरिनल के साथ रेलवे इंजन बनाए जाएंगे।
प्रोटोटाइप इंजन बन गया
मधेपुरा रेल इंजन कारखाने में एक ऐसा रेल इंजन तैयार किया गया है, जिसमें वाटरलेस यूरिनल की व्यवस्था है। एमईएलपीएल के प्रबंध निदेशक विवेक गर्ग ने पिछले दिनों मीडिया से बातचीत में बताया कि वाटरलेस यूरिनल वाला प्रोटोटाइप इंजन चार महीने से काम कर रहा है। इसमें अभी तक कोई उल्लेखनीय दिक्कत नहीं आई है। इसकी सफलता के बाद आगे बनने वाले सभी इंजनों में ऐसी व्यवस्था की जाएगी।
महिलाएं भी बनने लगी हैं लोको पायलट
गर्ग बताते हैं “यह (ड्राइवर्स कैब में यूरिनल) और भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि अब भारतीय रेलवे में महिलाएं भी लोको पायलट बनने लगी हैं। इस इंजन के मूल स्पेसिफिकेशन में एक स्पेस रखने की बात थी, लेकिन इसमें वाटरलेस यूरिनल बनाया जाएगा, यह स्पष्ट नहीं था। अब भारतीय रेलवे के साथ एडवांस लेवल पर बातचीत हुई है। वे चाहते हैं कि हम जो भी लोकोमोटिव बना रहे हैं उनमें वाटरलेस यूरिनल की व्यवस्था करें। हमने जो प्रोटोटाइप लोको बनाया है, उसका प्रदर्शन अच्छा रहा है।”
अब सभी इंजनों में होगी यह व्यवस्था
उन्होंने बताया कि अब मधेपुरा की फैक्ट्री में जो भी नए रेल इंजन बनेंगे, उनमें यह व्यवस्था होगी। साथ ही बताया कि पहले से जो इंजन बनाए जा चुके हैं, उनमें भी यह सुविधा जोड़ दी जाएगी। उल्लेखनीय है क मधेपुरा में रेल इंजन प्लांट में 12,000 हॉर्स पावर के शक्तिशाली इंजन बनते हैं। बीते 15 अगस्त को उस फैक्ट्री से 650वां इंजन निलका है। इस इंजन की ऑपरेशन स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह 6,000 टन तक माल को आसानी से खींच सकती है।